नौकरी से हटाने के विरोध में धरनारत्त पीटीआई को जिला पुलिस ने सोमवार सुबह झज्जर जाने से रोकने का प्रयास किया। पीटीआई जनस्वास्थ्य मंत्री बनवारीलाल के घेराव के लिए झज्जर जा रहे थे। उनकी गाड़ियां रोकने पर वो पैदल ही कूच कर गए। हालांकि पुलिस के साथ इससे पहले उनकी कहासुनी भी हुई। वहीं, कोर्ट कॉम्प्लेक्स परिसर में सोमवार को भी उनका धरना जारी। डीएसपी हरि सिंह के अलावा तहसीलदार अजय सैनी भी धरनास्थल पर रहकर स्थिति पर नजर रखे रहे।
1983 शारीरिक शिक्षकों की बर्खास्तगी के विरोध में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ कथी जिला कार्यकारिणी ने क्रमिक अनशन पर बैठकर सरकार से बहाली की मांग की। धरने की अध्यक्षता हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला सचिव रामपाल रामबास ने की। उनके साथ जिला सह-सचिव सुंदरपाल फौगाट, जिला ऑडिटर कृष्ण शास्त्री, जिला कार्यालय सचिव संजय शास्त्री, खंड प्रधान कृष्ण सिंह शास्त्री क्रमिक अनशन पर बैठे। हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति के राज्य प्रधान धर्मेंद्र ने उक्त अध्यापकों को माला पहनाई। संजय शास्त्री ने कहा कि सरकार को विधानसभा में अपनी विद्यायी शक्तियों का प्रयोग करते हुए तुरंत 1983 पीटीआई की सेवा बहाल करनी चाहिए। दस वर्षों की लंबी सेवा अवधि के बाद इस प्रकार से कर्मचारियों के पेट पर लात मारने का काम करना अव्यवहारिक है। धरना स्थल पर सज्जन, हरेंद्र सिंह, बबीता, शर्मिला, बलकेश, सुमन, उर्मिला, बबीता रानी, सुमन, रेखा, सीमा, सुनील कुमारी, लीलाराम, रविंद्र शर्मा, उदय सिंह पीटीआई, जयवीर चाहार आदि मौजूद रहे।
ये पहुंचे धरने को समर्थन देने
सर्व कर्मचारी संघ के पूर्व राज्य प्रधान धर्मवीर फौगाट, एसकेएस के जिला प्रधान राजकुमार, किसान सभा के जिला प्रधान रणधीर कुंगड़, सीआईटीयू की जिला प्रधान कमलेश, रिटायर्ड कर्मचारी संगठन से इंद्र सिंह राणा, अत्तर सिंह सांगवान, जिला प्रधान संतरा देवी व शकुंतला श्योराण, पूर्व अध्यापक नेता ओमप्रकाश, छतर सिंह छिल्लर, अजीत सिंह झोझू, राजपाल सांगवान पूर्व मैनेजर व किसान जनहित समिति के राज्य प्रधान व नगरपालिका चरखी दादरी के वाइस चेयरमैन दीपक श्योराण समेत कई पार्षदों ने धरने को समर्थन दिया।