चरखी दादरी। किसी भी विषय के अधिगम के लिए उस विषय की एक विधिवत पद्धति होती है। बिना पद्धति की समझ के शिक्षक बच्चे को अधिगम नहीं करवा सकता इसलिए अध्यापकों को अपने विषय की शैक्षणिक समझ बनानी चाहिए। यह बात डाइट (जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान) बिरही कलां में आयोजित पांच दिवसीय पीजीटी ट्रेनिंग के चौथे दिन जिला परियोजना समन्वयक राजेश डागर ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहे।
ट्रेनिंग प्रभारी व वरिष्ठ प्रवक्ता नवरत्न पांडे ने बताया कि पांच दिवसीय ट्रेनिंग में फीडबैक सत्र महत्वपूर्ण रहा। इसमें विभिन्न विद्यालयों से आए प्रतिभागियों ने खुलकर अपने विचार साझा किए। सरकारी स्कूलों में घटती छात्र संख्या विषय पर प्रवक्ता सुमित्रा ने बताया कि यदि कक्षा में बच्चों को उचित सम्मान मिले व अध्यापक उससे अभिभावक की तरह व्यवहार करें, तो छात्र-छात्राओं के साथ आत्मिक संबंध बनते हैं।
डॉ. सुरेश कुमार ने कहा कि अभिभावकों को भी समय-समय पर बच्चों की रिपोर्ट दी जानी चाहिए। इससे विद्यालयों की छात्र संख्या पर असर पड़ता है। प्रवक्ता मोनिका,धर्मेंद्र फोगाट, गिरिजा ने भी फीडबैक सत्र में विचार व्यक्त किए। दोपहर बाद प्रवक्ता एवं जिला विज्ञान विशेषज्ञ वीनू शर्मा ने सत्र को संबोधित किया। इस दौरान सुदल शर्मा ,सुनील, उदय सिंह, हरपाल, प्रियंका, मनोज कुमार का सहयोग रहा।