चरखी दादरी। कोरोना की दोनों लहर का असर जिले के विकास पर पड़ा है। जिले को नए आयाम देने वाले विकासपरक बड़े प्रोजेक्टों पर कोरोना काल के 14 माह बीतने पर भी काम शुरू नहीं हो पाया है। 100 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों पर काम शुरू होने का इंतजार एक तरफ जहां लंबा खींचता चला जा रहा है तो दूसरी ओर जिले के विकास पर भी ब्रेक लगे हुए हैं। हालांकि संबंधित विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब कोरोना का प्रकोप कम हो गया है और जल्द ही इन प्रोजेक्टों पर स्वीकृति मिलते ही काम शुरू करवा दिया जाएगा।
लघु सचिवालय निर्माण के अलावा श्यामसर तालाब के जीर्णोद्घार समेत सीवर और पेयजल व्यवस्था में सुधार की योजनाएं ठंडे बस्ते में होने से जिलावासी इसका खामियाजा भुगत रहे हैं। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को तत्परता दिखाते हुए जल्द से जल्द इन योजनाओं को सिरे चढ़वा चाहिए, ताकि लोगों को विभिन्न प्रकार की सुविधाओं का लाभ मिल सके। जिले के बड़े विकासपरक प्रोजेक्टों पर अमर उजाला की विशेष रिपोर्ट....
जानिए.... 100 करोड़ के ये प्रोजेक्ट जिले का लुक बदलने के साथ समस्याओं से दिलाएंगे निजात
प्रोजेक्ट : 1- लघु सचिवालय निर्माण के लिए बजट का इंतजार
मौजूदा लघु सचिवालय का दायरा कम पड़ने के चलते प्रशासन की जिला स्तरीय लघु सचिवालय निर्माण का योजना है। इस प्रोजेक्ट पर आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और पीडब्ल्यूडी की मार्फत एस्टीमेट तैयार कर सरकार के पास भेजा जा चुका है। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन सोमबीर दहिया के अनुसार करीब 65 करोड़ का एस्टीमेट भेजा गया है और ग्रांट मिलते ही टेंडर प्रक्रिया कर लघु सचिवालय का निर्माण शुरू करवाया जाएगा। लघु सचिवालय निर्माण के बाद लोगों को सभी विभागों की सुविधा एक ही छत के नीचे मिलेगी और उन्हें अलग-अलग जगहों पर चल रहे सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
प्रोजेक्ट:2- ठंडे बस्ते में दो बड़े टैंक बनाने की योजना
जनस्वास्थ्य विभाग ने जिला प्रशासन के निर्देशों पर शहर की पेयजल भंड़ारण क्षमता बढ़ाने के लिए दो बड़े टैंक बनाने की योजना तैयार की थी। इस पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च होने हैं। ऑब्जेक्शन हटाकर विभाग दोबारा फाइल हेड ऑफिस भेज चुका है, लेकिन वहां से अब तक अनुमति और बजट नहीं मिला है। सूत्रों के अनुसार पिछले करीब छह माह से यह प्रोजेक्ट कागजी प्रक्रिया में उलझा हुआ है, जबकि हर बार नहरी पानी बंद होते ही अगली टर्न आने तक शहरवासियों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है। शहर की पेयजल स्टोरेज क्षमता बढ़ाने की सख्त जरुरत है, तभी शहरवासियों को समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।
प्रोजेक्ट:3- मंजूरी के अभाव में अटका श्यामसर तालाब का जीर्णोद्धार कार्य
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 2016 में शहर के 400 साल पुराने एतिहासिक श्यामसर तालाब का जीर्णोद्धार करवाने की घोषणा की थी। घोषणा को साढ़े चार साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ है। कोरोना काल के दौरान सरकार के निर्देशों पर नप अधिकारियों ने प्रोजेक्ट में फेरबदल करते हुए इसका जीर्णोद्धार कार्य तीन चरणों में पूरा करवाने की योजना तैयार की है। पिछले दो माह से इसकी फाइल हेड ऑफिस अटकी हुई है। पहले चरण में करीब आठ करोड़ रुपये खर्च होने हैं।
प्रोजेक्ट: 4- रोहतक रोड आरओबी का इंतजार भी हुआ लंबा
पीडब्ल्यूडी और रेलवे ने शहर के रोहतक रोड पर रेलवे ओवरब्रिज बनाने की योजना पर करीब एक साल पहले काम शुरू किया था। इस पर करीब 25 करोड़ रुपये का बजट खर्च होना है और सरकार इसकी घोषणा पहले ही कर चुकी है। सूत्रों के अनुसार पीडब्ल्यूडी और रेलवे की संयुक्त टीम को साइट का निरीक्षण करना था, लेकिन कोरोना काल के चलते यह प्रक्रिया नहीं हो पाई है। हालांकि पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है कि रोहतक फाटक पर रेलवे ओवरब्रिज बनाने की योजना को जल्द से जल्द परवान चढ़वाने का उनका प्रयास है और जल्द ही अगली कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
दादरी जिला के विकास के प्रयास निरंतर किए जा रहे हैं। लघु सचिवालय निर्माण करवाना हमारी प्राथमिकता रहेगी। जल्द से जल्द जिले के सभी प्रोजेक्टों को परवान चढ़वा दिया जाएगा।
अमरजीत सिंह मान, डीसी।