कादमा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की कादमा शाखा में नववर्ष पर नव संकल्प, नव संस्कार से स्वर्णिम संसार कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी वसुधा ने कहा कि दिव्य संस्कारों से ही संसार स्वर्णिम बनेगा। राजयोग के नियमित अभ्यास के जरिये संस्कारों को हम दिव्य और श्रेष्ठ बना सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आज हमारे आपसी संबंध टूटने का मूल कारण अनावश्यक संस्कार हैं। इसके कारण हम अपने मन, वचन, कर्म से किसी को दुख पहुंचाते हैं जिससे ईर्ष्या और बदले की भावना जन्म लेती है। मन अशांत होता है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव हमारे आसपास के वातावरण पर भी पड़ता है। अगर हम वास्तव में अपने घर, परिवार, समाज में नया सवेरा लाना चाहते हैं तो हमें अपने जीवन में राजयोग से नए संस्कारों का निर्माण करना होगा और तभी हम अपनी भारतीय संस्कृति को बचा एक स्वर्णिम भारत की कल्पना कर सकते हैं।
ब्रह्माकुमारी ज्योति नीलम व रेखा ने कहा कि हमें स्वयं परिवर्तन के जरिये विश्व परिवर्तन के कदम को आगे बढ़ाना है। सभी ब्रह्माकुमार भाई-बहनों ने केक काटा।