फोटो 22डाइट बिरहीकलां में आयोजित क्षमता संवर्धन ट्रेनिंग कैंप में शामिल प्राध्यापक। स्रोत:व
चरखी दादरी। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और शिक्षकों को नवाचार की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से डाइट बिरही कलां में पीजीटी क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। मंगलवार को प्राध्यापकों को प्रयोगात्मक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षण विधियों का प्रशिक्षण दिया गया।
जिला विज्ञान विशेषज्ञ वीनू शर्मा ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालयों में प्रातःकालीन सत्र में करवाई गई गतिविधियां छात्रों के सीखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इन गतिविधियों का वीडियो बनाकर कक्षा के व्हाट्सएप ग्रुप में साझा करना चाहिए, जिससे अभिभावकों को यह विश्वास हो सके कि उनका बच्चा सुरक्षित और योग्य हाथों में है।
प्रशिक्षण प्रभारी एवं वरिष्ठ प्रवक्ता नवरत्न पांडे ने बताया कि शिविर के दूसरे दिन प्रवक्ता योगेश कुमार, पवन कुमार और सुनीता ने पहले दिन के अनुभव साझा किए और विषयों के अनुसार प्रभावी शिक्षण के सुझाव दिए। इसके बाद प्रवक्ता सुदल शर्मा ने विज्ञान विषय और लैटिन भाषा पर विस्तार से व्याख्यान प्रस्तुत किया। इतिहास और राजनीति विज्ञान समूह के सत्र में डॉ. ओमप्रकाश पंवार, सुरेश कुमार और मास्टर ट्रेनर उदय सिंह ने इतिहास लेखन परंपरा और भारतीय राजनीतिक जागरण काल जैसे विषयों पर चर्चा की। कार्यक्रम में हरपाल सिंह, मनोज कुमार, सुनील कुमार, प्रवक्ता सुशील कुमार, प्रवक्ता राजेश कुमार, हरीश कुमार, सुजिता आदि मौजूद रहे।