43 चिकित्सकों के अलावा जिले में 277 एनएचएम कर्मचारी शुक्रवार को रहे हड़ताल पर
टेस्ट, एंबुलेंस और एक्स-रे सुविधा से लेकर पोस्टमार्टम सेवा तक रही ठप, मरीजों ने झेली परेशानी
आयुष विभाग की भी शुक्रवार को नहीं मिल पाई मदद, सिविल अस्पताल में सीएमओ, एसएमओ व डिप्टी सीएमओ ने तो सीएचसी-पीएचसी में डेंटल सर्जन ने देखी ओपीडी
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। चिकित्सकों और एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से शुक्रवार को जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवाएं ठप रहीं। सिविल अस्पताल की बात करें तो कार्यवाहक सीएमओ डॉ. नरेश व एसएमओ डॉ. वेदपाल ने आपातकालीन कक्ष में अपनी सेवाएं दीं। डिप्टी सीएमओ डॉ. गौरव भारद्वाज ने सामान्य ओपीडी देखी। हालांकि, ज्यादातर मरीजों की पर्ची देखने के बाद उन्हें और दवा ले जाने व तीन दिन बाद फिर आने का परामर्श दिया गया।
बता दें कि वीरवार से जिले में तैनात 43 चिकित्सक हड़ताल पर हैं। शुक्रवार को 277 एनएचएम कर्मचारी पर चार दिन की हड़ताल पर चले गए। ये कर्मचारी स्वास्थ्य केंद्रों में अलग-अलग कक्ष में तैनात हैं। उनके हड़ताल पर जाने से एक्स-रे और एंबुलेंस समेत लैब की सेवाएं प्रभावित रहीं। वहीं, हड़ताल के मद्देजर पोस्टमार्टम भी नहीं हो पाए। दूसरी ओर हड़ताल में शामिल कर्मचारियों ने सिविल अस्पताल के गेट के बाहर धरना देकर रोष जताया।
वैकल्पिक व्यवस्था की बात करें तो शुक्रवार को आयुष विभाग के नौ चिकित्सकों की सेवाएं भी स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिल पाईं। महज चार चिकित्सकों ने ही सिविल अस्पताल में अपनी सेवाएं देते हुए व्यवस्थाएं बनाने का प्रयास किया। यह नाकाफी रहा। सिविल अस्पताल की बात करें तो शुक्रवार को यहां पांच आपातकालीन कक्ष में पहुंचे मरीजों का उपचार किया गया। 333 सामान्य मरीज भी देखे गए।
एमसीएच, सीएचसी व पीएचसी में डेंटल सर्जन ने संभाली कमान
शहर स्थित मातृ-शिशु अस्पताल में शुक्रवार को हड़ताल के चलते कोई चिकित्सक ड्यूटी पर नहीं पहुंचा। यहां डेंटल सर्जन ने कमान संभाली। इसके अलावा बौंदकलां, झोझूकलां और गोपी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी डेंटल सर्जन ने ओपीडी देखी। वहीं, कुछ प्राथमिक स्वास्थ्य केद्रों में भी डेंटल सर्जन के जरिये व्यवस्था बनाने का प्रयास किया गया।
पोस्टमार्टम के लिए रोहतक पीजीआई भेजा शव
वीरवार को जिले में रह रहे नेपाल निवासी एक व्यक्ति की मौत हुई थी। उसका शव वीरवार शाम को सिविल अस्पताल लाया गया। परिजनों के न आने के कारण वीरवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए कागज तैयार नहीं किया। शुक्रवार दोपहर बाद मृतक के परिजन पहुंचे और इसके बाद पुलिस ने कागज तैयार किया तो पता चला कि चिकित्सकों के हड़ताल पर होने के चलते पोस्टमार्टम नहीं हो पाएगा। हड़ताल के चलते शव को रोहतक पीजीआई भेजा गया।
मरीज ने लगाया गलत दवा देने का आरोप
दूधवा निवासी जयसिंह ने बताया कि दो दिन से पेट में दर्द है। वीरवार को अस्पताल आया था। चिकित्सक की ओर से लिखी गई दवा अस्पताल के काउंटर से लेकर गया था। ये दवा लेने के बाद से दस्त लगे हुए हैं। जयसिंह ने बताया कि उसे गलत दवा दी गई। इसके चलते शुक्रवार को वह दोबारा अस्पताल में आया।
मरीज बोले : पट्टी बदलने तक का नहीं प्रबंध
- शहर के वार्ड-17 से पट्टी करवाने के लिए दादरी सिविल अस्पताल आई थी। यहां पहुंची तो पता चला कि चिकित्सक व कर्मचारी हड़ताल पर हैं। अब वापस जा रही हूं। किसी प्राइवेट क्लीनिक में जाकर पट्टी कराऊंगी।
-शांति देवी, वार्ड-17, दादरी
- सिर में चोट लगी हुई है। चार दिन पहले पट्टी कराकर गई थी। चिकित्सक ने शुक्रवार को दोबारा बुलाया था। सुबह करीब साढ़े 11 बजे चरखी गांव से दादरी अस्पताल आई थी। लेकिन यहां पट्टी बदलने तक की व्यवस्था नहीं है।
-रेखा, चरखी
वर्सन:
चार चिकित्सकों ने आपातकालीन और सामान्य ओपीडी देखी जबकि सीएचसी व पीएचसी में डेंटल सर्जन ने कमान संभाली। वैकल्पिक व्यवस्था के जरिये हरसंभव व्यवस्था बनाने का प्रयास किया। सिविल अस्पताल में करीब 350 मरीज देखे गए। प्रत्येक पीएचसी और सीएचसी पर 15 से 20 की ओपीडी रही।
-डॉ. नरेश, कार्यवाहक सीएमओ
फोटो 23 से 29