म्हारी भी सुणो::-
5 गांवों के यात्री सांवड़ अड्डे से लेते हैं वाहन, लंबे समय से झेल रहे सुविधाओं की कमी का दंश
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी/बौंदकलां। गांव सांवड़ के बस अड्डे पर लाइट व शौचालय की व्यवस्था न होने से पांच गांवों के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोशनी की व्यवस्था न होने के चलते रात के समय आने वाले लोगों को फोन की रोशनी का सहारा लेकर घर और बस अड्डे पर आना पड़ता है।
ग्रामीण सुरेश, रविंद्र, गौरव, आशिष, अजय, सतीश, विक्की, कालू, मोहित, रवि, अंकित ने बताया कि रात के समय लाइट न होने के कारण काफी परेशानियां हो रही हैं। ग्रामीणों की ओर से कई बार लाइटें लगाने की मांग की गई, लेकिन, अभी तक नतीजा सिफर है। कई बार रोड पर बड़े हादसे होने से टले हैं।
बता दें कि रोहतक-चंडीगढ़ जाने वाली बसें सांवड़ गांव से होकर गुजरती हैं। प्रतिदिन 500 से अधिक यात्री बसों में सफर करते हैं। पांच गांवों के लोग सांवड़ अड्डे से बस पकड़ते हैं। यात्रियों के लिए गांव के अड्डे पर सार्वजनिक शौचालय भी नहीं है। वहीं, यहां महिला यात्रियों की संख्या ज्यादा रहती है। ठंड के समय यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
- इन गांवों के यात्री झेल रहे परेशानी
सांवड़ अड्डे से सांवड़ समेत सांजरवास, लांबा, कोहलावास, हिंडोल, झींझर व रानीला के लोग गंतव्य पर जाने के लिए वाहन पकड़ते हैं। सुबह और शाम यात्रियों का यहां से आवागमन होता है। ऐसे में यहां लाइट के प्रबंधों के साथ शौचालय निर्माण की दरकार है।
- दुकानें बंद होते ही सूना हो जाता है बस अड्डा
खास बात यह है कि सांवड़ गांव में दादरी-रोहतक रोड पर बनीं 30 से अधिक दुकानें बंद होते ही बस अड्डा सूना हो जाता है। ऐसे में लाइट की कमी का फायदा उठाकर अपराध को भी आसानी से अंजाम दिया जा सकता है।
ग्रामीण बोले : मूलभूत सुविधाएं मिलने पर मिलेगी राहत
- शौचालय न होने से बस स्टैंड पर महिलाओं को काफी समस्या झेलनी पड़ रही है। लंबे समय से सांवड़ अड्डे पर शौचालय की कमी बनी है। प्रशासन को इसे दूर कराना चाहिए।
-अजय रंगा, ग्रामीण
- सार्वजनिक शौचालय के अलावा सांवड़ अड्डे पर रोशनी का प्रबंध नहीं है। इसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मूलभूत सुविधाएं मिलने से आमजन को राहत मिलेगी।
-रवि गुजरान, ग्रामीण
फोटो 05
सांवड़ बस अड्डे पर पसरा अंधेरा और गुजरते वाहन। संवाद
फोटो 06
अजय रंगा।
फोटो 07
रवि गुजरान।