फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Charkhi Dadri News: राजकीय स्कूलों के विद्यार्थी पी रहे दूषित पानी, मिड-डे मील में भी हो रहा प्रयोग,

Mon, 14 Oct 2024 04:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
विज्ञापन
विज्ञापन
जगदीप सिंह
विज्ञापन

चरखी दादरी। जिले के राजकीय स्कूलों में विद्यार्थी जो पानी पी रहे हैं, वह सेवन लायक नहीं है। ये हम नहीं, बल्कि, जनस्वास्थ्य विभाग कार्यशाला की रिपोर्ट कह रही है। कार्यशाला में 200 राजकीय स्कूलों से लिए गए पानी के नमूनों की जांच की गई। हैरत करने वाली बात यह है कि 125 नमूने फेल पाए गए। पानी के कुछ नूमने तो ऐसे हैं, जिनमें क्लोरीन शून्य और टीडीएस 4600 तक पाया गया।
बता दें कि राजकीय स्कूलों के पेयजल नमूने फेल आना चिंता का विषय है। जिस पानी का विद्यार्थी स्कूलों में सेवन कर रहे हैं, वह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। यह विद्यार्थियों के भविष्य और शिक्षा पर भी गहरा असर डाल सकता है। दूषित पानी के सेवन से कई प्रकार की बीमारियां होने की आशंका रहती है।
विज्ञापन

दरअसल, जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय स्थित प्रयोगशाला में जिले के 200 राजकीय स्कूलों के पानी के नमूने जांच के लिए पहुंचे थे। इनमें से 125 स्कूलों के नूमने फेल पाए गए। स्कूलों की टंकियों और मिड-डे मील में प्रयोग होने वाले पानी से ये नमूने लिए गए थे। अधिकतर स्कूलों में टीडीएस की मात्रा ज्यादा पाई गई है जबकि क्लोरीन मिली ही नहीं। इसके अलावा पीने के पानी में कॉलीफाॅम, फीकल फ्लोराइड बैक्टीरिया पाए गए।
विज्ञापन

2000 से अधिक नहीं होनी चाहिए टीडीएस की मात्रा : रासायनिक वैज्ञानिक की मानें तो पीने के पानी में टीडीएस की मात्रा 500 से 2,000 तक सही है। अगर टीडीएस की मात्रा इससे बढ़ जाती है तो फिर वह पानी पीने योग्य नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें