संवाद न्यूज एजेंसी
बाढड़ा। गांव काकड़ोली हुक्मी में घरों से निकलने वाले दूषित पानी के रास्तों में जमा होने से ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद दूषित पानी की निकासी का उचित प्रबंध नहीं हो रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि एक तरफ तो सरकार दूषित पानी के प्रबंधन के लिए करोड़ों रुपये का बजट खर्च कर रही है, वहीं, दूसरी तरफ उनके गांव की अनदेखी होने से लोग परेशान हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से दूषित पानी की निकासी का उचित प्रबंध करने की मांग की है।
ग्रामीण रमेश कुमार, संजय कुमार, दिनेश, विकास, सोनू, जयदीप, संजय, राकेश, सचिन, विनोद, विकास, आनंद, सोमबीर सिंह ने बताया कि दूषित पानी की निकासी का कोई उचित प्रबंध नहीं होने के कारण सभी मुख्य रास्तों में पानी भरा रहता है। इससे लोगों को आवागमन में काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि दूषित पानी रास्ते में भरा रहता है। इससे हर समय दुर्गंध बनी रहती है। आसपास के क्षेत्र में मच्छर फैल रहे हैं। इससे लोगों में बीमारियां फैलने का भय बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि नालियों पर जाली नहीं होने के कारण दोपहिया वाहन चालक कई बार दूषित पानी में गिर कर हादसे का शिकार हो चुके हैं। इस समस्या को लेकर बीडीपीओ, एसडीएम को भी लिखित में अवगत करवा चुके हैं। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति रोष बना हुआ है।
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गांव काकड़ोली हुक्मी में रास्ते में भरा दूषित पानी। संवाद