चुनाव पेज मुद्दा
रोजगार के लिए जिले के युवाओं को रेवाड़ी, गुरुग्राम, दिल्ली, नोएडा और रोहतक जाना पड़ रहा
औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की कवायद अब तक नहीं हुई शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले में उद्योग व युवाओं के लिए रोजगार विधानसभा चुनाव में बड़े मुद्दे हैं। जिला में औद्योगिक इकाई स्थापित करने की लंबे समय से मांग उठती रही है। सीसीआई की खाली पड़ी 250 एकड़ जमीन को भी विकासपरक योजनाओं के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
चरखी दादरी को जिला बने साढ़े सात साल बीत चुके हैं। अब तक जिला औद्योगिक क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है। शहर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े स्तर औद्योगिक इकाई की जरूरत है। ताकि, युवाओं घर के पास रोजगार मिल सके। इस समय युवाओं को नोएडा, गुरुग्राम, दिल्ली, रोहतक, हिसार, मानेसर, धारूहेड़ा व भिवाड़ी आदि शहरोंं में रोजगार के लिए जाना पड़ रहा है।
आज बेरोजगारी बड़ा मुद्दा है। युवा रोजगार मांग रहा है। जिले में समय-समय पर विधायक व मंत्री भी रहे हैं। दादरी हलके से पूर्व सीएम स्व. हुकम सिंह भी रहे हैं। क्षेत्र से ही दिवंगत चंद्रावती पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल रही थीं। क्षेत्र की जनता ने प्रतिनिधियों को मंत्री पद तक पहुंचाया है। इसके बावजूद आज तक किसी राजनेता ने जिले में औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने की तरफ ध्यान नहीं दिया है।
मौजूदा विधानसभा चुनावों में जिले के युवाओं के लिए रोजगार बड़ा विषय है। निर्वाचित होने वाले प्रतिनिधियोंं को युवा रोजगार की तरफ ध्यान देना होगा। युवा वर्ग का मानना है कि राजनेता चुनाव के समय वोट ले लेते हैं, लेकिन, बाद में सुध नहीं लेते हैं। प्रतिनिधियों को रोजगार परक विकास योजनाओं पर ध्यान देने की जरूरत है। चुनावी घोषणापत्र में रोजगार का मुद्दा प्रमुखता से शामिल होना चाहिए।
जिले में कई तकनीकी संस्थान, रोजगार दूसरे जिले में ही
जिले में तकनीकी कॉलेज व आईटीआई में हर साल युवक प्रशिक्षण ले रहे हैं। उसके बाद उन्हें दूर-दराज के नगरों में रोजगार के लिए भटकना पड़ रहा है। फिलहाल, उनके पास गृह जिले में रोजगार के पर्याप्त संसाधन नहीं हैं।
- प्रत्याशियों के एजेंडे में शामिल रोजगार का मुद्दा
भाजपा, जजपा, कांग्रेस, इनेलो और आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी भी औद्योगिक क्षेत्र और रोजगार के अवसरों की कमी से भली-भांति परिचित हैं। यही कारण है कि उन्होंने अपने एजेंडे में भी इस मुद्दे को शामिल किया है। उनका दावा है कि विधायक बनते ही सबसे पहले उद्योग व रोजगार की कमी को दूर करवाया जाएगा।
- सीसीआई की जमीन पर अब तक नहीं लिया गया फैसला
दादरी में पहले सीमेंट फैक्टरी होती थी। यह कई सालों से बंद है। इसकी जमीन केंद्र सरकार के अधीन है। प्रदेश सरकार ने अब तक सामंजस्य स्थापित कर इस जमीन को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है। फिलहाल, सीसीआई की जमीन खाली पड़ी है।
- युवा बोले : जिले के लिए जरूरी है उद्योग
युवा मोनू साहू, नितिन ग्रेवाल, अंकित मोठसरा, अवन कुमार, जय कुमार व प्रवेश आदि ने बताया कि जिले में रोजगार का अवसर न होना युवाओं के लिए बड़ी समस्या है। जिले में अगर उद्योग लगेंगे तो युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। एनएच-152 डी के समीप सरकार को औद्योगिक इकाइयां स्थापित करवानी चाहिए।
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सीसीआई परिसर की खाली जमीन, जहां पहले सीमेंट फैक्टरी होती थी। संवाद