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डावर कॉलोनी : नगर परिषद के करीब पर राहत से दूर

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डावर कॉलोनी में स्थित स्वर्ण जयंती पार्क की तरफ जाने वाली गली में भरा दूषित पानी। संवाद
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- पिछले कई सालों से ऐसी ही स्थिति में जीने के लिए मजबूर हैं यहां के लोग
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- टूटी सड़कें और जाम सीवर के चलते इन गलियों के स्थानीय निवासी कर गए हैं पलायन

माई सिटी रिपोर्टर

चरखी दादरी। चिराग तले अंधेरे वाली स्थिति डावर कॉलोनी के निवासियों पर सटीक बैठती है। कारण यह कि नगर परिषद से 200 मीटर दूर स्थित इस कॉलोनी के करीब 100 घरों के लोग टूटी सड़कों और जाम सीवर प्रणाली के चलते गंदगी के बीच जीवन जीने के लिए मजबूर हैं।



यह समस्या कोई एक-दो माह पुरानी नहीं, बल्कि, कई वर्षों से है। सबसे ज्यादा बुरी स्थिति बारिश के बाद होती है। इन समस्याओं के कारण यहां के स्थानीय निवासी भी पलायन कर चुके हैं। दो गलियों की स्थिति तो काफी खराब है। इस कारण इन गलियों के ज्यादातर घरों में अब किराये पर प्रवासी मजदूर रहते हैं।
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स्थानीय दुकानदार नवीन ने बताया कि सीवर ओवरफ्लो होने कारण यहां लाइन का चोक होना नहीं, बल्कि, हनुमान मंदिर के पास कीकरवासनी क्षेत्र में भरे पानी को इस लाइन से निकालना है। इस कारण यह दूषित पानी ओवरफ्लो होकर मैनहोल से बाहर निकल रहा है।

अनंतराम, साबिर, राहुल आदि ने बताया कि दूषित पानी के कारण यहां काफी मच्छर पनप रहे हैं। इस कारण रात के समय सबसे ज्यादा परेशानी होती है। बिजली जाने पर मच्छर सोने नहीं देते। इस कारण उनकी नींद भी पूरी नहीं हो पाती। ऐसे में अगले दिन जब वे काम पर जाते हैं तो नींद के लटके आते रहते हैं।



स्थानीय निवासियों ने बताया कि मच्छरों के कारण क्षेत्र में बीमारियां फैलने का भी डर बना हुआ है। इसके अलावा, दिनभर इस दूषित पानी से उठने वाली दुर्गंध के कारण उनका घरों में रहना मुश्किल हो जाता है। लोगों के अनुसार, प्रशासन ने इस गली को मानसून से पहले उखाड़ दिया, इस कारण इस गली से गुजरना भी मुश्किल हो गया। अब एक माह पहले ही यहां पर रोड़े बिछाकर छोड़ दिए।

नगर परिषद के पास ही स्थित है कॉलोनी

नगर परिषद की बैक साइड में ही लगभग 200 मीटर की दूरी पर ही स्थित है यह कॉलोनी। कहने को यहां पर प्रशासन ने स्वर्ण जयंती पार्क भी बनवाया है। परंतु इन्हीं समस्याओं के चलते यह पार्क भी सही से विकसित नहीं हो पाया है। परिषद के इतने पास होने के बाद भी इस कॉलोनी के लोग गंदगी के बीच जीने के लिए मजबूर हैं।



प्रशासन ने डलवाई है निर्माण सामग्री

ऐसा नहीं है प्रशासन कुछ कर नहीं रहा, परंतु वह धरातल पर पूरा नहीं हो रहा है। प्रशासन की तरफ से सीवर बनाने के लिए मौके पर निर्माण सामग्री भी डलवाई गई है परंतु अब इंतजार हो रहा है कि सीवर ओवरफ्लो होने से रुके तो वो काम शुरू करवाएं।



परेशान लोग बोले-



पूरा दिन पानी सीवर से निकलता रहता है। पानी गली में हो जाता है। इस कारण इन गलियों से गुजरना भी मुश्किल हो गया है। टूटी गली और ओवरफ्लो सीवर के कारण उसकी दुकानदारी भी प्रभावित होती है। क्योंकि जब इधर से कोई गुजरेगा ही नहीं तो बिक्री कैसे होगी।

- नवीन, स्थानीय दुकानदार।



इस गली में दूषित पानी कभी सूखता ही नहीं है। हर मौसम में यहां पर पानी जमा रहता है। प्रशासन पता नहीं कब उनकी समस्या की तरफ ध्यान देगा। दूषित पानी में पनपे मच्छरों के कारण वे रात में सो भी नहीं पाते हैं। इस कारण दिन के समय उनका काम भी प्रभावित होता है।

-अनंतराम



दूषित पानी से उठने वाली दुर्गंध के कारण उनका घरों में रहना मुश्किल हो जाता है। दिनभर काम करते थके-हारे घर आते हैं और यहां इस माहौल के कारण उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। प्रशासन से याचना है कि पानी निकासी और टूटी गली की समस्या का जल्द समाधान करें।
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- राहुल



दूषित पानी के कारण इसमें मच्छर पनप रहे हैं। इस कारण क्षेत्र में बीमारियां फैलने का भी डर बना हुआ है। प्रशासन से मांग है कि जब तक पानी निकासी और टूटी सड़क का समाधान नहीं हो जाता तब तक इस क्षेत्र में दवा का छिड़काव करवाए। ताकि, मक्खी-मच्छर न पनप सकें।

- साबिर



वर्जन



सीवरमैन की छुट्टी है। सोमवार को जब वह ड्यूटी पर आएगा तब उसे समस्या के समाधान के लिए भेजा जाएगा।

- मुकेश कुमार, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग, चरखी दादरी।
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