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Charkhi Dadri News: एसी खरीद की जांच के आदेश, बंद पंखों और बदहाल सफाई पर अस्पताल प्रशासन की फटकार

Sat, 20 Jun 2026 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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आईसीयू के बाहर स्टाफ से जवाब तलब करते डॉ. विरेंद्र यादव व डॉ. मनीष बंसल।  - फोटो : 1
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चरखी दादरी। स्वास्थ्य विभाग की प्रदेश स्तरीय सार्थक टीम ने शुक्रवार को जिला नागरिक अस्पताल और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) यूनिट का गहनता से निरीक्षण किया। एनएचएम के निदेशक डॉ. आरएस ढिल्लो, स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल और एमसीएच निदेशक डॉ. विरेंद्र यादव के नेतृत्व में पहुंची टीम ने शुक्रवार देर रात तक अस्पताल की व्यवस्थाओं का बारीकियां से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में अनेक खामियां सामने आने पर अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई गई।
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निरीक्षण के दौरान, टीम ने विभाग द्वारा खरीदे गए 20 एयर कंडीशनरों (एसी) की खरीद प्रक्रिया की जांच करवाने के निर्देश दिए। अस्पताल की इमरजेंसी में कांच के गेट पर लगे स्टीकरों के निशान मिलने पर उन्हें तुरंत साफ करवाया गया। बिना सील लगे गेट वाले स्टोर में रखी अल्ट्रासाउंड मशीन मिलने पर उसे तत्काल जर्जर घोषित करवाने के निर्देश दिए गए। स्टोर में तीन पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें भी रखी मिलीं जिनके संबंध में कर्मचारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और न ही स्टॉक रजिस्टर प्रस्तुत कर पाए।
चार में से एक पंखा मिला चालू, पूछने पर लोक निर्माण विभाग को ठहराया जिम्मेदार
आईसीयू का गेट पिछले एक महीने से टूटा होने की जानकारी मिलने पर टीम ने नाराजगी जताई। आईसीयू के बाहर लगे चार पंखों में से केवल एक ही चालू मिला। जब टीम ने कर्मचारियों से पूछा तो इसके लिए उन्होंने लोक निर्माण विभाग को जिम्मेदार ठहराया। जिस पर टीम ने नाराजगी जताते हुए संबंधित सुपरवाइजर और इलेक्ट्रिशियन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। हालांकि बाद में टीम ने 15 मिनट में पंखों को चालू करने के निर्देश दिए। आईसीयू के बाहर ही स्ट्रेचर व व्हील चेयर भी टूटे हुए मिले।
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सफाई व्यवस्था को लेकर जताया असंतोष
सफाई व्यवस्था को लेकर भी टीम ने असंतोष व्यक्त किया। 100 बेड के अस्पताल में एचकेआरएन के तहत 120 कर्मचारियों की तैनाती के बावजूद सफाई संतोषजनक न मिलने पर अधिकारियों को चेतावनी दी गई। ऑक्सीजन सिलिंडर से जुड़े मैनिफोल्ड सिस्टम के लिए शीघ्र निविदा आमंत्रित करने के निर्देश भी दिए गए।
वार्ड में मरीजों से की बात, फाइल भी खंगाली
दवा भंडारण व्यवस्था की जांच में जुलाई 2026 में एक्सपायर होने वाली बीपी की दवाएं वेयरहाउस से मंगवाने और उन्हें स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजने के मामले में केंद्रीय स्टोर प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई गई। वार्ड में भर्ती सड़क दुर्घटना में घायल एक मरीज से बातचीत के दौरान सामने आया कि उसे ऑपरेशन के लिए दो दिन तक भूखा रखा गया लेकिन ऑपरेशन नहीं किया गया। हालांकि चिकित्सकों ने इसका कारण मरीज का उच्च रक्तचाप बताया। फार्मेसी अधिकारी से ऑक्सीजन सिलिंडर रिफिलिंग से संबंधित रिकॉर्ड भी तलब किया गया।
रात को एमसीएच यूनिट पहुंची टीम
शुक्रवार रात को टीम एमसीएच यूनिट का निरीक्षण करने पहुंची। यहां ओपीडी वार्ड में मेडिकल मानकों के अनुरूप सफेद पर्दे लगाने और खिड़कियों पर सफेद पेंट करवाने के निर्देश दिए गए। एलएफटी जांच शुरू करने के लिए ऑटो एनालाइजर मशीन उपलब्ध करवाने को कहा गया। प्रसूति कक्ष और ऑपरेशन थियेटर का भी निरीक्षण किया गया।
20 गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी के लिए रेफर करने पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि एमसीएच यूनिट से एक सप्ताह के दौरान 20 गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी के लिए रोहतक पीजीआई रेफर किया गया लेकिन बाद में उन्होंने निजी अस्पतालों में जाकर डिलीवरी करवाई। वहीं छह मई को गंभीर अवस्था में एक गर्भवती महिला को रेफर किए जाने के मामले में भी रिकॉर्ड तलब किया गया।
मिसरी उप-स्वास्थ्य केंद्र पर मिला ताला
बता दें कि सार्थक टीम तीन दिवसीय दौरे पर दादरी जिले में पहुंची है। वीरवार को टीम ने कस्बा बौंद कलां स्थित सीएचसी, गांव सांवड़ पीएचसी और झोझू कलां सीएचसी का निरीक्षण किया था। उसी दौरान दोपहर करीब पौने एक बजे मिसरी उप स्वास्थ्य केंद्र पर टीम को ताला लगा मिला। सार्थक टीम शनिवार को अपनी विस्तृत निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

आईसीयू के बाहर स्टाफ से जवाब तलब करते डॉ. विरेंद्र यादव व डॉ. मनीष बंसल। - फोटो : 1

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