जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते जेबीटी अध्यापक।
बाढड़ा। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने मांगों के लिए प्रदर्शन किया और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी चरखी दादरी को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर मांगों को 20 जुलाई तक नहीं माना गया तो हरियाणा से हजारों की संख्या में अध्यापक करनाल में सीएम आवास के बाहर 21 जुलाई को प्रदर्शन करेंगे।
जिला अध्यक्ष मास्टर शमशेर सिंह ने कहा कि अध्यापकों की मांगों को लेकर 11 और 13 जुलाई को खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से पहले भी मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिए जा चुके हैं। इस अवसर पर अध्यापकों को संबोधित करते हुए शमशेर सिंह ने कहा कि विभाग जल्द ही अध्यापकों की स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करें, पुरानी पेंशन स्कीम बहाल की जाए। उन्होंने कहा कि सरप्लस अध्यापकों के नाम पर 337 विद्यालयों को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है। इसे लेकर संगठन व अध्यापकों में रोष है। इसे किसी भी सूरत में लागू नहीं होने देंगे।
उन्होंने कहा कि जेबीटी से टीजीटी पद पर सभी विषय की पदोन्नतियां यथाशीघ्र की जाएं। छात्र- शिक्षक अनुपात 1:25 किया जाए। एसीपी के मामले में 50 प्रतिशत की शर्त हटाई जाए। दाखिला प्रक्रिया सरल बनाई जाए। स्वतंत्र विद्यालयों में एक कक्षा के लिए एक अध्यापक को नियुक्त किया जाए। कर्मचारियों पर आश्रित उनके माता-पिता को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की आय एक लाख 80 हजार की जाए। स्थानांतरण नीति में आपसी सहमति भी लागू किया जाए। कर्मचारी के निकट संबंधी की मृत्यु पर 12 दिनों का विशेष अवकाश दिया जाए। इस अवसर पर जिला महासचिव स्नेहा देवी, जिला कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश, खंड अध्यक्ष सुरेंद्र बूरा, अश्वनी, अनिल, कुलदीप दारा सिंह, नरेंद्र सिंह, सुधीर, कविता, मीना, योगेश आदि मौजूद रहे।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते जेबीटी अध्यापक।