चरखी दादरी। शहर की एक प्राइमरी पाठशाला 68, दूसरी 59 और एक अन्य 48 साल से धर्मशाला में चल रही है। चौथी पाठशाला की कक्षाएं पीएमश्री राजकीय कन्या स्कूल के मंच पर लग रही हैं। इससे बुनियादी स्तर सुधारने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से किए जा रहे दावे खोखले साबित हो रहे हैं। एक ही जगह एक साथ सभी कक्षाएं चलने से बच्चों का ध्यान पढ़ाई के दौरान एकाग्र नहीं हो पाता है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है।
दादरी शहर में पांच प्राथमिक पाठशालाएं हैं। ये अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित हैं। संवाददाता ने इनका जायजा लिया तो चार प्राथमिक पाठशालाएं ऐसी मिलीं, जिनके पास खुद की छत ही नहीं है। वर्षों बीतने के बाद भी शिक्षा विभाग इन पाठशालाओं का भवन नहीं बनवा पाया है। विद्यार्थी धर्मशाला में शिक्षा ग्रहण करने के लिए विवश हैं।
यदि धर्मशाला में सामाजिक या धार्मिक आयोजन होता तो बच्चों की छुट्टी करनी पड़ती है। मामला विभागीय अधिकारियों के संज्ञान में होने के बाद भी कोई पहल नहीं की जा रही है। धर्मशालाओं व मंच पर संचालित प्राइमरी पाठशालाओं में बच्चों के डेस्क-बेंच रखने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं है। इसलिए बच्चों को दरी या टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। वहीं, सर्दी में खुले मंच पर पढ़ाई विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के लिहाज से भी ठीक नहीं है। संवाद