चरखी दादरी। बिजली निगम के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों और अधिकारियों की हड़ताल का असर अब जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। वीरवार को कई 33 केवी सब स्टेशन और फीडर बंद रहने से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बिजली संकट गहरा गया। खबर लिखे जाने तक कई क्षेत्रों में बिजली गुल हुए 16 घंटे हो चुके थे।
रात से बिजली गुल होने से अनेक गांवों के उपभोक्ता परेशान रहे। वहीं सतनाली फीडर में पानी ओवरफ्लो होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। समय रहते पानी का बहाव नहीं रोका गया तो बोआई वाले खेतों में पानी पहुंचने से फसलों को नुकसान हो सकता है। जिले में करीब 530 कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर हैं, जिससे तकनीकी खराबियों को दूर करने और शिकायतों का समाधान करने की व्यवस्था प्रभावित हुई है। शाम होते-होते शहर में भी ब्लैकआउट हो गया।
कई सब स्टेशन बंद, गांवों में रात से बिजली गुल
बिजली निगम के अनुसार 132 केवी झोझू के सभी फीडर बंद रहे। इसके अलावा 33 केवी झोझू और आदमपुर के सभी फीडर भी बंद बताए गए। खेड़ी बतर, छपार, अटेला कलां और डोहका दीना सहित कई सब स्टेशनों पर आपूर्ति प्रभावित रही। कादमा, रुदड़ौल, गोकल, शिशवाला, खुड़ाना और चांगरोड़ क्षेत्र में भी बिजली संकट बना रहा।
11 गांव बिजली आपूर्ति बाधित
33 केवी धरेडू सब स्टेशन में रात 11 बजे से खराबी आने के कारण इससे जुड़े 11 गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसी समय से सांजरवास सब स्टेशन बंद होने के चलते 13 गांव प्रभावित हुए। दोनों सब स्टेशनों से जुड़े कुल 24 गांवों में बिजली संकट की सूचना मिली। खेड़ी बतर, छपार, अटेला कलां और डोहका दीना समेत अन्य क्षेत्रों में भी उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ी।
मोरवाला से घसोला तक आपूर्ति प्रभावित
मोरवाला पावर हाउस के अंतर्गत खातीवास, लोहरवाड़ा, मोरवाला, इमलोटा, बिगोवा, सांतौर, सरूपगढ़, कन्हेटी और नीमली गांवों में बिजली नहीं रही। मकड़ाना पावर हाउस से जुड़े चिड़िया, नौसवा, दांतोली, पातुवास, टिकान कलां, महाराणा खेड़ी और सनवाल गांवों में भी आपूर्ति प्रभावित रही। घसोला क्षेत्र के कपूरी, रामनगर, मौड़ी और बलकरा गांवों में बिजली नहीं मिली। घसोला सब स्टेशन बंद रहने से हीरा चौक और महेंद्रगढ़ बाईपास क्षेत्र पर भी असर पड़ा। पैंतावास, आरडी-0, 11 केवी खेड़ी डीएस और चिड़िया रोड फीडर बंद रहने की सूचना भी मिली।
सतनाली फीडर ओवरफ्लो
बिजली संकट के बीच सतनाली फीडर से जुड़ी समस्या ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय फीडर में लगी मोटर बंद रहने के कारण पानी की आपूर्ति आगे नहीं हो पाई। इससे फीडर में पानी का स्तर बढ़ गया और पानी पटरी पार कर गया। अब पानी बोआई वाले खेतों में पहुंचने की आशंका बनी हुई है। यदि समय रहते पानी का बहाव नहीं रोका गया तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसे में बिजली आपूर्ति बहाल करने के साथ पानी के बहाव को नियंत्रित करना भी जरूरी हो गया है।
निगम कार्यालय में सन्नाटा, बाहर पुलिस तैनात
हड़ताल के कारण बिजली निगम कार्यालय में सामान्य कामकाज प्रभावित रहा। कार्यालय के बाहर पुलिस तैनात रही, जबकि अंदर कर्मचारियों की कुर्सियां खाली दिखाई दीं। दूसरी ओर, कमोद, दगडोली और मंदोला पावर हाउस चालू रहे तथा दादरी लोकल 33 केवी फीडर से आपूर्ति जारी रही। 132 केवी स्टेशन से पंप हाउसों का संचालन भी चलता रहा।
वर्जन:
मुख्य अभियंता ने अधिकारियों की बैठक बुलाकर बिजली आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था जारी करने के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी।-गुलशन कुमार, एक्सईएन, बिजली निगम।