चरखी दादरी। हॉटलाइन से जुड़ा होने के बावजूद सिविल अस्पताल की बिजली शनिवार सुबह गुल हो गई। इस दौरान बैटरी डाउन होने के कारण अस्पताल के कई कमरों में लगवाए गए इन्वर्टर की सीटी बजने लगी। इससे ओपीडी पर्ची बनाने से लेकर उपचार और जांच तक सभी सुविधाएं ठप हो गईं। करीब दो घंटे आठ मिनट बाद बिजली आपूर्ति बहाल होने पर ही मरीज ओपीडी पर्ची बनवाकर उपचार करा सके। 39.6 डिग्री तापमान में करीब एक हजार मरीज बेहाल रहे लेकिन अस्पताल के जनरेटर हमेशा की तरह बंद रहे। बड़ी बात यह कि इस दौरान अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारी कार्यालय से बाहर रहे।
पीड़ित मरीजों ने बताया कि शनिवार सुबह 9:15 बजे अस्पताल में बिजली आपूर्ति बाधित हुई जो 11:23 बजे बहाल हुई। करीब दो घंटे तक सेवाओं के बहाल होने का इंतजार करने के बाद मरीजों का धैर्य जवाब दे गया। परेशान मरीज पहले एसएमओ और फिर सीएमओ कार्यालय तक पहुंच गए, लेकिन उन्हें सीट पर कोई नहीं मिला। इसके बाद मरीज वहां से मन मसोसकर ओपीडी में आ गए। उन्होंने जिला अस्पताल में अव्यवस्था पर रोष जता प्रशासन और सरकार से व्यवस्था सुधारने की मांग की।
उन्होंने कहा कि उमस भरी गर्मी के बावजूद सिविल अस्पताल में बिजली कई बार गुल हो रही है। हॉटलाइन से जुड़ा होने के बावजूद यहां बिजली गुल होना समझ से परे है। कई माह से नियमित अंतराल पर ऐसा हो रहा है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग या बिजली निगम के अधिकारी इस समस्या को नहीं सुलझा रहे। बिजली गुल रहने से सेवाएं प्रभावित हो रहीं हैं जिससे मरीजों को जूझना पड़ रहा है। विभाग की ओर से शनिवार को बत्ती गुल होने पर जनरेटर भी नहीं चलाया गया। इस दौरान बत्ती गुल रहने से करीब एक हजार मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी।
- ये सेवाएं रहीं प्रभावित
शनिवार को बिजली गुल रहने के कारण सिविल अस्पताल में मरीज ओपीडी पर्ची ही नहीं बनवा पाए। एक्स-रे सुविधा, प्रयोगशाला में जांच, चिकित्सकों की ओपीडी प्रभावित रही। मरीज फिजियोथैरेपी और ईसीजी भी नहीं करवा पाए।
तकनीकी खराबी आने के कारण शनिवार सुबह सिविल अस्पताल की बत्ती गुल हुई थी। इस संबंध में एसएमओ से बात हो गई है। अब बिजली संबंधी कोई दिक्कत नहीं है। - डॉ. आशीष मान, डिप्टी सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग, चरखी दादरी।
- मरीज बोले : सरकारी अस्पताल का कोई नहीं रखवाला
- हाथ और पैर में काफी दर्द रहता है। उपचार करवाने के लिए काकड़ौली से सुबह 9:30 बजे अस्पताल आई थी। यहां पहुंची तो पता चला कि बिजली गुल है। ओपीडी पर्ची तक नहीं बनाई जा रही। डेढ़ घंटे से इंतजार कर रही हूं। - बलकेश।
- पैर फिसलने से गिरकर चोटिल हो गई। शनिवार सुबह करीब 10 बजे घसोला गांव से सिविल अस्पताल आई थी। यहां पहुंचकर पता चला कि बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण कोई भी चिकित्सक ओपीडी नहीं देख रहे। - सोना देवी।
- पिछले करीब दो घंटे से बिजली गुल है, लेकिन कोई अधिकारी मरीजों की परेशानी नहीं सुलझा रहा। सिविल अस्पताल में जनरेटर तक नहीं चलाया गया। अटेला से उपचार करवाने आया था। सरकारी अस्पताल लावारिस हो गया। -साधुराम।
- मुझे स्वास्थ्य की जांच करवानी है। इसलिए उमरवास से सुबह करीब 9:50 बजे सिविल अस्पताल पहुंचा। ओपीडी पर्ची काउंटर पर पहुंचा तो वहां मरीज बैठे मिले। उन्होंने मुझे बताया कि बिजली गुल होने के कारण पर्ची नहीं बन रही। - रण सिंह।