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Charkhi Dadri News: धनतेरस और छोटी दिवाली के बर्तन बाजार तैयार

Sun, 27 Oct 2024 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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पुराना दिल्ली रोड स्थित दुकान पर बर्तनों की खरीदारी करतीं महिलाएं। संवाद
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शहर में 100 से अधिक बर्तन भंडार, व्यापारियों को दो करोड़ से अधिक का कारोबार होने की उम्मीद
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। धनतेरस व दिवाली पर्व को लेकर शहर के बर्तन बाजार में चहल-पहल शुरू हो गई है। मार्केट के व्यापारियों को त्योहारी सीजन में दो करोड़ से अधिक का कारोबार होने की उम्मीद है। वहीं, बढ़ने वाली मांग को देखते हुए व्यापारी अपना स्टॉक पूरा कर चुके हैं।
हालांकि, स्थानीय बर्तन व्यापारियों का मानना है कि इस बार बर्तन कारोबार पिछले साल की अपेक्षा हल्का रहने की उम्मीद है। इसका कारण इस बार फसल देरी से मंडी में पहुंचना भी है। व्यापारियों का कहना है कि खरीदारी करने ग्रामीण क्षेत्रों के लोग ज्यादा आते हैं। इस समय समय रहते फसल न बिक पाने पर उनके हाथ में रुपये नहीं आ पाए हैं।
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जिले में दिवाली व धनतेरस को लेकर स्थानीय बर्तन व्यापारी अच्छी बिक्री की आस लगाए बैठे हैं। त्योहार के नजदीक आते आते ही दुकानों में भी ग्राहकों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई है। पर्व के अवसर पर लोग अपने घरों में नया बर्तन खरीदना शुभ मानते हैं। अधिकतर लोग इस अवसर पर तांबे, पीतल, कांसे व स्टील के बर्तनों की खरीदारी करते हैं।
जिले के बर्तन व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन खरीददारी ने मार्केट की सभी दुकानों पर विपरीत असर डाला है। अधिकतर लोग क्वालिटी नहीं कम दाम देखकर ऑनलाइन बर्तन खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं।
तांबा और पीतल के बर्तनों की रहेगी ज्यादा मांग
आजकल लोग पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए प्लास्टिक से बने बर्तनों की खरीदारी कम ही कर रहे हैं। ऐसे में अधिकांश लोग पीतल, तांबा व कांसे के बर्तन खरीदना पसंद कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि पीतल व तांबे की धातु से बर्तनों में भोजन ग्रहण करना स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद हैं।

व्यापारी बोले : हमारी तैयारियां पूरीं, ग्राहकों का इंतजार
- बाजार में लोगाें का आवागमन शुरू हो गया है, लेकिन, अभी खरीदारी ज्यादा नहीं है। धनतेरस और छोटी दिवाली पर अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है। पर्व पर लोग पुराने बर्तनों को बदलवा कर नए बर्तन अधिक खरीदते हैं।
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-सुधीर चुटानी, बर्तन व्यापारी
- पिछले साल की अपेक्षा इस वर्ष बाजार में भीड़ कम ही नजर आ रही है। शहर का पूरा व्यापार ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े किसानों पर निर्भर रहता है। इस बार फसल समय पर नहीं बिक पाने से किसानों के हाथ भी खाली हैं।
-सतबीर गौड़, प्रधान, बर्तन एसोसिएशन
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पुराना दिल्ली रोड स्थित दुकान पर बर्तनों की खरीदारी करतीं महिलाएं। संवाद
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बस स्टैंड रोड पर बर्तन खरीदते ग्राहक। संवाद
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सुधीर चुटानी।
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सतबीर गौड़।
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