चरखी दादरी। पर्यावरण प्रेमी संजय रामफल ने कहा कि पौधरोपण के बाद उसकी देखभाल जरूरत है। उन्होंने बताया कि पौधे को केवल जमीन में जगह देना पर्याप्त नहीं है। जड़ों को मिट्टी, पानी और फैलने के लिए स्थान देना जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से अपने आसपास लगे पौधों एवं पेड़ों का सर्वेक्षण करने की अपील की। यदि जड़ों के आसपास कंक्रीट या पेवर दिखे तो संबंधित विभाग व सामाजिक संस्थाओं से सहयोग लें। उन्हें प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराने की पहल करें।
यह अभियान पौधों को कृत्रिम अवरोधों से मुक्त कराने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य जिम्मेदारी और जागरूकता पैदा करना भी है। संजय रामफल ने कहा कि प्रत्येक नागरिक एक पौधे की नियमित देखभाल करे। इससे छोटे प्रयास बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं। पर्यावरण संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।