बाढड़ा। बस स्टैंड परिसर में बना शौचालय बदहाल है। शौचालय की कई दिनों से सफाई नहीं की जा रही है जबकि टॉयलट सीट और दरवाजा भी टूटा है। यहां पानी की व्यवस्था भी नहीं है और इसके चलते बस स्टैंड पर आने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने जल्द समाधान करवाने की मांग की है।
बस स्टैंड पर दिनभर लोगों का आवागमन बना रहता है। आसपास शौचालय न होने के कारण यात्री ही नहीं दुकानदार भी परेशान हैं। दुकानदार अनिल, सुरेश, अशोक, नवीन, मंजीत, सुरेश आदि ने बताया कि आसपास के क्षेत्र में शौचालय न होने के कारण आमजन और दुकानदार परेशान हैं।
उन्होंने बताया कि अधिक बदहाल शौचालय उपयोग करने लायक भी नहीं रह गया है। गंदगी के कारण आम लोग और यात्री कई बार शौचालय का उपयोग करने से कतराते हैं। दुकानदारों का कहना है कि इस बारे में कई बार अधिकारियों को बता चुके हैं लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है। बस स्टैंड प्रभारी सतवीर ने बताया कि ये शौचालय व्यापार मंडल के अधीन है। वहीं, व्यापार मंडी के अध्यक्ष संदीप सिंटी ने बताया कि शौचालयों को जल्द ठीक करवाया जाएगा।
- 25 बसों का होता है आवागमन
बाढड़ा बस स्टैंड पर रोजाना करीब 25 बसों का आवागमन होता है। इनमें करीब 1,500 से अधिक यात्री आते-जाते हैं। बस स्टैंड का एकमात्र सार्वजनिक शौचालय बदहाल होने से यात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर महिला यात्रियों को ज्यादा परेशानी हो रही है।
- 2,200 दुकानदार और ग्राहक भी करते हैं शौचालय का इस्तेमाल
बाढड़ा कस्बे में करीब 2,200 दुकानें हैं। यहां एकमात्र सार्वजनिक शौचालय क्रांतिकारी चौक पर है। बस स्टैंड के पास स्थित दुकानों से इसकी दूरी करीब 500 मीटर है। 100 से अधिक दुकानदार और ग्राहक भी क्रांतिकारी चौक पर बने सार्वजनिक शौचालय में जाने के बजाय बस स्टैंड का शौचालय ही इस्तेमाल करते हैं।
- दादरी, लोहारू और जुई रोड पर सार्वजनिक शौचालय ही नहीं
कस्बा के दादरी, लोहारू और जुई रोड पर एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं है। इस कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। तीनों मुख्य मार्गाें के दुकानदारों ने प्रशासन से शौचालय की कमी दूर करवाने की मांग की है।
बाढड़ा बस स्टैंड में बने शौचालय का रखरखाव व्यापार मंडल करता है। यह उन्हीं के अधीन है। इस बारे में व्यापार मंडल पदाधिकारी ही कुछ बता सकते हैं। - सतबीर सिंह, प्रभारी, बाढड़ा बस स्टैंड।
बस स्टैंड में बने सार्वजनिक शौचालय में जो भी कमियां हैं, उन्हें व्यापार मंडल जल्द दुरुस्त करवा देगा। इसके बाद लोगों को दिक्कत नहीं झेलनी पड़ेंगी। - सुंदरपाल, अध्यक्ष, व्यापार मंडल, बाढड़ा।