चरखी दादरी। पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार अग्रवाल ने कहा कि नशा और अवैध हथियारों की सप्लाई रोकने के लिए तस्करों के अगले और पिछले लिंक का पता पुलिस लगाएगी। नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है। डीजीपी ने लंबित शिकायतों का जल्द से जल्द निपटारा करने और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त बदमाशों की धरपकड़ के अधिकारियों को निर्देश दिए।
रविवार को चरखी दादरी में डीजीपी ने रोहतक रेंज के सभी राजपत्रित अधिकारियों के साथ अपराध की समीक्षा की। पुलिस की चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। बैठक के दौरान डीजीपी ने सभी डीएसपी को निर्देश देते हुए कहा कि वे सभी गंभीर अपराध की अपने स्तर पर निगरानी करें। कुछ जिलों में वाहन समेत प्रतिष्ठानों में चोरियां बढ़ी हैं और इन्हें रोकने के लिए बीट सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। न्यायालय में विचाराधीन केसों की पैरवी कर आरोपी को सजा दिलवाने का प्रयास करें। पीओ, बेल जंपर व उद्घोषित अपराधी पुलिस के सामने समर्पण नहीं करते हैं तो उनकी संपत्ति कुर्क करवाने की प्रक्रिया कानूनी रूप से अमल में लाई जाए।
पुलिस महानिदेशक ने बैठक में अधिकारियों से चोरी के मामलों की विस्तृत रिपोर्ट ली। उन्होंने इन घटनाओं को रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस तरह का गिरोह रेकी कर वारदात को अंजाम देता है। कुछ गिरोह घरों में चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं। इन्हें रोकने के लिए अपने खुफिया तंत्र को और ज्यादा सक्रिय करें। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डायल 112 सेवा से एसएचओ की गाड़ी को जोड़ने की तैयारी
पुलिस अधिकारियों की बैठक लेने के बाद डीजीपी पत्रकारों से भी रू-बरू हुए। उन्होंने बताया कि डायल-112 सेवा से अब एसएचओ की गाड़ी या थाने की पीसीआर को जोड़ने की योजना है। हालांकि इसके बाद भी पहली रिस्पॉन्डर डायल 112 टीम रहेगी, जबकि दूसरे रिस्पॉन्डर के रूप में एसएचओ की टीम रहेगी।
इन जिलों के एसपी रहे मौजूद
बैठक में रोहतक रेंज एडीजीपी ममता सिंह, दादरी एसपी दीपक गहलावत, सोनीपत एसपी हिमांशु गर्ग, भिवानी एसपी अजीत शेखावत, रोहतक एसपी उदय सिंह मीना, झज्जर एसपी वसीम अकरम आदि मौजूद रहे।