चरखी दादरी। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सोमवार को घिकाड़ा रोड स्थित केएन सीनियर सेकंडरी स्कूल में पुलिस की पाठशाला आयोजित की गई। पुलिस विभाग की ओर से डीएसपी रामसिंह बिश्नोई ने कार्यक्रम में शिरकत की। उनके अलावा ट्रैफिक पुलिस टीम, साइबर टीम और दुर्गा शक्ति टीम ने कार्यक्रम में पहुंचकर विद्यार्थियों को विभिन्न जानकारियां दीं। आयोजन में 217 विद्यार्थियों ने भाग लिया। आयोजन की शुरुआत से पहले स्कूल परिसर में पौधरोपण किय गया।
डीएसपी रामसिंह बिश्नाई ने कहा कि हमें ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए और 18 वर्ष की उम्र पूरी करने से पहले वाहन नहीं चलाने चाहिए। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे हुई। आयोजन की अध्यक्षता प्राचार्य धर्मेंद्र सिंह ने की जबकि स्कूल निदेशक प्रीतम फौगाट भी सभागार में मौजूद रहे। डीएसपी रामसिंह ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन विद्यार्थियों और समाज के लिए बेहद जरूरी हैं। ऐसे आयोजन से आमजन व विद्यार्थियों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता आती है।
वहीं, ट्रैफिक एसएचओ इंस्पेक्टर ओमप्रकाश ने कहा कि सड़क हादसों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। हर साल देश में लाखों लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं। उन्होंने कहा कि हमें वाहन चलाते समय ट्रैफिक नियमों का पालना करना चाहिए। ऐसा करके हम सड़क हादसों में कमी ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि ज्यादातर सड़क हादसों का कारण नशा और तेज रफ्तार बनती है। हमारी एक छोटी सी लापरवाही किसी परिवार को जीवन भर का दर्द दे सकती है। इसलिए हमेशा ट्रैफिक नियमों के अनुसार ही वाहन चलाएं। कार्यक्रम में पुलिस प्रवक्ता पवन कुमार, हेड कांस्टेबल शकुंतला व संदीप और कांस्टेबल सतीश आदि मौजूद रहे।
- जागरूकता से बच सकते हैं साइबर अपराध का शिकार होने से : एएसआई संजीत
आयोजन में एएसआई संजीत सिंह ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध से जुड़ीं अहम जानकारियां दीं। उन्होंने कहा कि हमेशा अपने सोशल मीडिया अकाउंट का पास वर्ड मुश्किल लगाए। 13 अंकों का पास वर्ड सबसे सुरक्षित है। इसके अलावा मोबाइल पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट भी स्वीकार न करें। उन्होंने कहा कि जागरूकता के जरिये ही हम साइबर अपराधियों का शिकार होने से बच सकते हैं।
- गुड टच- बेड टच का रखें ध्यान, शिक्षिका व परिजनों को बताएं छात्राएं : एएसआई बबीता
एसआई उर्मिला की अगुवाई में दुर्गा शक्ति टीम भी आयोजन में भाग लेने पहुंची। एएसआई बबीता ने छात्राओं को गुड और बेड टच की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगर छात्राओं को लगे कि कोई उन्हें परेशान कर रहा है या फिर बुरी नीयत से छू रहा है तो इस बात को दबाने की बजाय अपने शिक्षिका या फिर घर पर परिजनों को बताएं। छात्राएं सीधे पुलिस की भी मदद ले सकती हैं। उन्होंने शिक्षिकाओं को महिलाओं के अधिकारों की जानकारी भी दी।
विद्यार्थी बोले: आयोजन में सीखने को मिला बहुत कुछ
- ऐसे कार्यक्रम कुछ समय के अंतराल पर जरूर होने चाहिए। आज के आयोजन से मुझे ट्रैफिक नियमों के बारे में पूरी जानकारी मिली है और भविष्य में मैं सभी ट्रैफिक नियमों का पालन करूंगा।
प्रतीक, दसवीं कक्षा
- इस प्रकार के कार्यक्रम से ट्रैफिक नियमों के बारे में जानकारी मिलती है। अगर प्रत्येक नागरिक ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक होगा तो इससे सड़क हादसों में स्वत: ही कमी आएगी।
महक, बाहरवीं कक्षा
- कई ट्रैफिक नियम ऐसे थे जिनकी मुझे जानकारी नहीं थी। मैं अब 18 साल का होने के बाद ही वाहन चलाऊंगी। इसके अलावा सड़क पर चलते समय भी हमेशा ट्रैफिक नियमों का पालन करूंगी।
- रितू, बाहरवीं कक्षा
- लाइसेंस बनवाते वक्त ट्रैफिक नियमों के बारे में प्रश्न पूछे जाते हैं। इस प्रकार के कार्यक्रम में ट्रैफिक नियमों के बारे में जानने को मिला। आगे चलकर यह जानकारी बहुत फायदेमंद साबित होगी।
-प्रशांत, बारहवीं कक्षा