मुख्य सचिव संजीव कौशल की वीडियो कांफ्रेंस में मौजूद उपायुक्त प्रीति और अन्य अधिकारी।
चरखी दादरी। जिला के सभी 172 गांवों में ओडीएफ प्लस अभियान के तहत ठोस कचरा प्रबंधन, तरल कचरा प्रबंध सहित रसोई व स्नानघर से निकलने वाले पानी को लेकर काम किए जा रहे हैं। साथ ही गोबरधन योजना और प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन को लेकर भी जिला में कार्य शुरू हो गया है। प्रशासन की योजना है कि जिले के प्रत्येक ब्लॉक में एक प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन प्लांट बनवाया जाए। यह जानकारी वीरवार को वीडियो कांफ्रेंस में उपायुक्त प्रीति ने मुख्य सचिव संजीव कौशल को दी।
ओडीएफ प्लस अभियान की समीक्षा करते हुए संजीव कौशल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को सुनिश्चित करने के लिए सरकार की ओर से सभी गांवों में ओडीएफ प्लस अभियान को मिशन मोड में चलाया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्र को गंदगी और गंदगी के कुप्रबंधन से छुटकारा मिल सके।
वीडियो कांफ्रेंस के बाद उपायुक्त प्रीति ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार जिला में ब्लॉक स्तर पर एक-एक प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन प्लांट लगाया जाना है। सभी ब्लॉक कोऑर्डिनेटर को निर्देश दिए गए हैं कि सभी अपने क्षेत्र के प्रत्येक गांव का स्वयं दौरा करें और अभी तक जो कार्य पूरे हो गए हैं उनकी सत्यापन रिपोर्ट दें। साथ ही जिला को दिए गए टारगेट को सही समय पर पूरा करना भी सुनिश्चित करें।
दोबारा प्रयोग लायक बनाया जाएगा पानी
उपायुक्त ने बताया कि सरकार की इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में साफ-सफाई को सुनिश्चित करके बेहतर वातावरण देने की कोशिश की जा रही है। योजना के अनुसार सभी गांवों में ठोस कचरा प्रबंधन व तरल कचरा प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही रसोई व स्नानघर के पानी को दोबारा प्रयोग करने लायक बनाया जाएगा। यही नहीं, गांव के तालाबों में जाने वाले गंदे पानी को पहले ही साफ करने की व्यवस्था भी करने की योजना है।
सभी ब्लॉक कोऑर्डिनेटर को निर्देश दिए गए हैं कि वे ओडीएफ प्लस अभियान को लेकर दैनिक आधार पर रिपोर्ट दें और स्वयं क्षेत्र में जाकर कार्य में तेजी लाना सुनिश्चित करें ताकि जिला को मिला टारगेट समयसीमा में पूरे किए जा सकें।
-प्रदीप कौशिक, कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद