अमर उजाला पड़ताल :
वन विभाग ने एक पौधा मां के नाम मुहिम के तहत नगर परिषद को दिए थे 11 हजार पौधे
चरखी दादरी। एक पौधा मां के नाम...मुहिम के तहत रोपित किए जाने वाले तकरीबन चार हजार पौधे दमकल विभाग के कार्यालय में सवा माह से घाम सह रहे हैं। झुलस रहे हैं। 11 हजार पौधे 16 अगस्त को ही रोपित किए जाने थे। बचे पौधों की अब तक किसी ने सुध नहीं ली। दमकल कर्मियों के अनुसार, ये पौधे नगर परिषद ने वन विभाग से लिए हैं। जगह के अभाव में यहां रखे गए हैं।
16 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर एक पौधा मां के नाम... मुहिम चलाई गई थी। इसके तहत जिले को ढाई लाख पौधे लगाने का लक्ष्य मिला था। जिला प्रशासन ने वन विभाग के अधिकारियों से चर्चा करने के बाद विभागों को पौधरोपण का लक्ष्य भी दिया था। इसे एक दिन में हासिल किया जाना था। इसके तहत नगर परिषद को भी 11 हजार पौधे दिए गए थे।
पड़ताल में सामने आया कि 11 हजार में करीब चार हजार पौधे ऐसे हैं, जिनका रोपण नहीं हो पाया। अब इनका कोई पूछनहार नहीं है। दमकल विभाग कार्यालय में खुले में रखे ये पौधे झुलस रहे हैं। यदि इनका रोपण कर दिया जाता तो ये आगे चलकर जिले की हरियाली बढ़ाने में सहयोगी बनते। पर्यावरण संरक्षण के प्रति विभागीय दावे होते हैं। अपनी पीठ थपथपाई जाती है। यहां हकीकत अफसरों का उदासीन रवैया बयां कर रही है।
दरअसल, मुहिम के तहत पौधरोपण करने के लिए वन विभाग ने विभागों और सामाजिक संगठनों से पौधों की मांग करने के लिए कहा था। इसके तहत नगर परिषद ने भी वन विभाग से 11,000 हजार पौधे मांगे थे। नगर परिषद की ओर से कुछ पौधे लगाकर अभियान बंद कर दिया गया। शेष बचे पौधे दमकल विभाग कार्यालय में दम तोड़ रहे हैं। संवाद
- इन विभागों ने किए थे आवेदन
प्रधानमंत्री के आह्वान पर जिला प्रशासन को एक दिन में ढाई लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य दिया गया था। अभियान को पूरा करने के लिए बिजली निगम, सिंचाई विभाग, मार्केट कमेटी, आयुष विभाग, खनन विभाग, शिक्षा विभाग आदि के साथ सामाजिक संस्थाओं ने आवेदन किया था। इसके बाद वन विभाग ने उन्हें ढाई लाख पौधे मुहैया कराए थे।
- जिले की छह नर्सरियों में तैयार करवाए गए थे पौधे
16 अगस्त को वितरण के लिए जिले की छह नर्सरियों में पौधे तैयार कराए गए थे। दादरी नर्सरी में 85,000 बाढ़डा में 70,000 नीमड़ बड़ेसरा में 45,000 पौधे तैयार किए गए थे। तीन अन्य नर्सरियों में भी 50,000 पौधे तैयार कराए गए थे।
- कड़ी मेहनत और देखभाल के बाद पौधे से बनता है पेड़
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नर्सरियों में पौधे तैयार करने के लिए श्रमिक दिन-रात एक कर कड़ी मेहनत करते हैं। इसके बाद पौधे रोपित होते हैं। रोपित करने के बाद नियमित देखभाल से ये पेड़ का रूप ले पाते हैं।
वर्सन:
विभाग से नगर परिषद ने पौधरोपण करने के लिए 11,000 पौधे मांगे थे। मैंने समय पर पौधे उपलब्ध करा दिए थे। पौधरोपण नगर परिषद को कराना था। यदि पौधे बच गए तो उन्हें वन विभाग को वापस भेजने चाहिए थे।
-हेमंत कुमार, रेंज अधिकारी, वन विभाग
वर्सन:
करीब सात हजार पौधे हम रोपित कर चुके हैं। चार हजार पौधों का रोपण कार्य शेष है। जल्द ही जगह तलाश कर इन्हें रोपित करवा दिया जाएगा।
-नरेंद्र तनेजा, एमई, नगर परिषद
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गर्मी से झुलसे पौधों के पत्ते। संवाद