चरखी दादरी। शहर में पार्किंग की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। बाजारों में खरीदारी करने आने वाले लोगों को वाहन खड़े करने के लिए जगह नहीं मिलती। सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहन यातायात में बाधा बनते हैं और जाम की स्थिति पैदा करते हैं।
त्योहारी सीजन में समस्या और बढ़ जाती है। कई बाजारों में भीड़ इतनी अधिक हो जाती है कि लोगों के लिए पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। इसके बावजूद शहर में पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है।तीन साल पहले नगर परिषद की ओर से शहर में चार स्थानों पर पार्किंग विकसित करने की योजना बनाई गई थी। इनमें मंगल मार्केट, पुरानी सब्जी मंडी की पिछली साइड और पुराना बस स्टैंड सहित अन्य स्थान शामिल थे।
योजना के तहत इन जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था होने से बाजारों में आने वाले लोगों को अपने वाहन खड़े करने के लिए जगह मिल सकती थी। इससे मुख्य सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होने और जाम से राहत मिलने की उम्मीद थी लेकिन योजना पर काम आगे नहीं बढ़ने से लोगों की परेशानी बरकरार है।
बाजारों में वाहन खड़े करने की जगह नहीं
शहर के प्रमुख बाजारों में खरीदारी के लिए रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। दोपहिया और चारपहिया वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण सड़क किनारे ही पार्किंग करनी पड़ती है। इससे सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है और दूसरे वाहन चालकों को निकलने में परेशानी होती है। दुकानों के सामने वाहन खड़े होने से ग्राहकों और व्यापारियों दोनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार जाम खुलवाने के लिए यातायात पुलिस को मशक्कत करनी पड़ती है।
त्योहारी सीजन में बढ़ जाती है परेशानी
त्योहारी सीजन में बाजारों में खरीदारी करने वालों की संख्या बढ़ने के साथ पार्किंग की समस्या भी गंभीर हो जाती है। बाजारों में वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। पैदल चलने वालों को भी रास्ता तलाशना पड़ता है। भीड़ और जाम की स्थिति को देखते हुए कई बार यातायात का रूट डायवर्ट करना पड़ता है। इससे वाहन चालकों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगता है।
व्यापारी लंबे समय से उठा रहे मांग
शहर के व्यापारी लंबे समय से बाजारों के आसपास व्यवस्थित पार्किंग बनाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि पार्किंग की सुविधा नहीं होने से ग्राहकों को परेशानी होती है और इसका असर कारोबार पर भी पड़ता है। नगर परिषद की ओर से चिह्नित स्थानों पर पार्किंग विकसित की जाए तो बाजारों में वाहनों का दबाव कम हो सकता है। अब लोगों और व्यापारियों को इंतजार है कि पार्किंग की योजना कब धरातल पर उतरेगी और शहर को जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
वर्सन:
पार्किंग के लिए जगह को चिह्नित किया जाना है। इसके बाद शहर के चार से पांच ऐसे क्षेत्र हैं जहां बाजारों में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए पार्किंग बनाई जा सकती है, जल्द इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा। - बख्शी सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद