चरखी दादरी। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने आमजन की चिंता बढ़ा दी है। बीते 10 दिनों में चौथी बार ईंधन के दामों में बढ़ोतरी होने से लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने लगा है। सोमवार सुबह एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए जिसके बाद जिले में महंगाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लगातार बढ़ रही कीमतों का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि परिवहन, व्यापार, घरेलू खर्च और रोजमर्रा की जरूरतों पर भी इसका प्रभाव देखने को मिलेगा।
दादरी में इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर सोमवार को पेट्रोल की कीमत 103.09 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.76 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई। वहीं रविवार को पेट्रोल की कीमत 100.49 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 93.05 रुपये प्रति लीटर थी। कीमतों में वृद्धि से सबसे ज्यादा असर माल ढुलाई और परिवहन क्षेत्र पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से फल, सब्जी, राशन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में आम परिवारों का मासिक बजट प्रभावित होने की आशंका है।
पिछले 10 दिनों में इस प्रकार हुई है पेट्रोल-डीजल कीमतों में वृद्धि
तारीख पेट्रोल कीमत में बढ़ोतरी डीजल कीमत में बढ़ोतरी
15 मई तीन रुपये तीन रुपये
19 मई 87 पैसे 91 पैसे
23 मई 87 पैसे 91 पैसे
25 मई 2.61 रुपये 2.71 रुपये
कुल 7.35 रुपये 7.53 रुपये
नोट : यह वृद्धि प्रति लीटर के अनुसार है।
क्या कहते हैं लोग ...
= पहले से ही बाजार में ग्राहकों की संख्या कम है और व्यापार प्रभावित चल रहा है। अब पेट्रोल और डीजल महंगे होने से माल मंगाने और परिवहन खर्च बढ़ेगा जिसका असर सीधे कारोबार पर दिखाई देगा। महंगाई बढ़ने से आम आदमी की खरीद क्षमता भी प्रभावित होती है। संजय वर्मा, दुकानदार।
= पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से हर क्षेत्र प्रभावित होता है। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से सामान की लागत भी बढ़ जाती है। इससे छोटे व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बनता है।- संदीप फोगाट, प्रधान पूर्ण मार्केट एसोसिएशन।
= पहले से ही रसोई, बिजली और अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। अब पेट्रोल-डीजल महंगे होने से लोगों को अपने मासिक बजट में कटौती करनी पड़ सकती है। मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए बढ़ती महंगाई चिंता का विषय बनती जा रही है।- देवेंद्र कुमार, स्थानीय निवासी।
कीमतें बढ़ने का असर हर व्यक्ति पर पड़ता है। निजी वाहन चलाने वालों से लेकर किसान, व्यापारी और नौकरीपेशा लोग तक इससे प्रभावित होते हैं। ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों से लोगों की आर्थिक योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं। अतुल फोगाट, स्थानीय दुकानदार।