रासीवास गांव में सोमवार सुबह एक अनियंत्रित ट्रक मकान के अंदर घुसते-घुसते रह गया। ट्रक ठीक मकान के मुख्य द्वार के बाहर आकर रुका। गांव से तेज रफ्तार में ओवरलोड और भारी वाहनों के गुजरने से नाराज ग्रामीणों ने एकत्र होकर सड़क पर जाम लगा दिया। जाम लगाने की सूचना पाकर सदर थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण ओवरलोडिंग पर लगाम लगाने और गांव में स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग पर अड़े रहे। स्थिति की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई और करीब एक घंटे बाद जाकर ग्रामीणों को अधिकारी आश्वस्त कर पाए। इसके बाद ही ग्रामीण जाम खोलने को तैयार हुए।
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह एक ट्रक रासीवास गांव से गुजर रहा था। ग्रामीणों के अनुसार ट्रक की स्पीड काफी ज्यादा थी और इसके चलते चालक उस पर चालक नियंत्रण नहीं रख पाया। ट्रक एक ग्रामीण के घर के मुख्य द्वार के बाहर जाकर रुका। ग्रामीणों ने बताया कि ट्रक अगर और बीस मीटर नहीं रुकता तो दीवार तोड़कर मकान के अंदर घुस जाता। घटना के समय मकान में चार लोग भी मौजूद थे। इस घटना के बाद काफी ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने भारी वाहनों की तेज रफ्तार में आवाजाही से होने वाली परेशानियों के चलते रोड जाम करने का निर्णय लिया।
सुबह करीब दस बजे ग्रामीणों ने रासीवास-कितलाना रोड पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलने के बाद करीब साढ़े दस बजे सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण उचित आश्वासन मिलने तक सड़क पर ही डटे रहने की बात पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले की सूचना जिला प्रशासन को दी। इसके बाद तहसीलदार अजय कुमार ग्रामीणों को आश्वस्त करने मौके पर पहुंचे।
तहसीलदार बोले : स्पीड पर अंकुश लगवाने के लिए बनवा देंगे स्पीड ब्रेकर
ग्रामीणों ने कार्यवाहक सदर थाना प्रभारी ओमप्रकाश के समक्ष मौके पर किसी प्रशासनिक अधिकारी को बुलाने की मांग रखी। इसके बाद तहसीलदार अजय कुमार मौके पर पहुंचे। ग्रामीण सोमबीर, कुलबीर, मुन्ना, सतबीर, भोपाल, सुरेंद्र, मुकेश, लीलू, बिल्लू, सूर्य, अशोक, विजय, सज्जन व अमरचंद ने बताया कि यहां से सैकड़ों डंपर प्रतिदिन तेज रफ्तार में गुजरते हैं। इनके चलते कभी भी कोई हादसा हो सकता है और ग्रामीण बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों की समस्या सुनकर तहसीलदार ने रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए स्पीड ब्रेकर बनवाने का आश्वासन दिया।
क्रशर जोन में ओवरलोडिंग रोकने की योजना हो चुकी तैयार
हाल ही में जिला प्रशासन ने ओवरलोडिंग की समस्या को देखते हुए नया प्लान तैयार किया है। अब प्रशासन की योजना है कि ओवरलोड वाहनों को क्रशर जोन में ही रोक लिया जाए। इसके लिए क्रशर जोन में स्थायी नाके लगाए जाएंगे और इन नाकों से आगे ओवरलोड वाहनों को नहीं आने दिया जाएगा। प्रशासन ने ओवरलोड वाहन भरने पर क्रशर का लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान भी किया है। इसे धरातल पर अभी लागू नहीं किया गया है। यह योजना धरातल पर लागू होने से काफी हद तक ओवरलोडिंग से राहत मिलेगी।
ओवरलोड वाहन और डंपर लोगों को दे रहे जीवनभर का दर्द
ओवरलोड वाहनों और डंपरों से जिले में पिछले एक साल में तीस से अधिक हादसे हो चुके हैं। करीब पांच दिन पहले कलियाणा मोड़ के समीप एक डंपर ने बाइक को टक्कर मार दी थी। घटना में बाइक सवार एक युवक की मौके पर मौत हो गई थी। जबकि उसके दोस्त को पीजीआई रेफर किया गया था और उसका वहां उपचार चल रहा है। करीब चार माह पहले बौंदकलां अड्डे पर एक भारी वाहन ने साइकिल सवार दो छात्रों को कुचल दिया था। ढाई माह पहले ढाणी ओवरब्रिज पर डंपर की टक्कर से बाइक सवार सैनिक की मौत हो गई थी। इसके अलावा भी डंपर और ओवरलोड वाहन लोगों को जीवनभर का दर्द दे चुके हैं।
सदर थाने के कार्यवाहक प्रभारी ओमप्रकाश ने कहा कि जाम की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। तहसीलदार अजय कुमार ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को आश्वस्त कर जाम खुलवा दिया। ट्रैफिक व्यवस्था बहाल कराने के बाद ही पुलिस टीम लौटी।
तहसीलदार अजय कुमार ने बताया कि ग्रामीणों ने मेरे सामने अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें स्पीड ब्रेकरों का निर्माण कराना प्रमुख थी। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए जल्द ब्रेकर बनवाने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।