बौंदकलां कॉलेज में शपथ लेते विद्यार्थी और शिक्षक।
बौंदकलां। कस्बा स्थित राजकीय महाविद्यालय में नशा मुक्त भारत पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत वीरवार को शपथ दिलाई गई। इसमें विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव की जानकारी दी गई।
प्राचार्य डॉ. सुमित्रा बैरागी ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाना और समाज को नशा मुक्त बनाना है। इसमें हर भारतवासी को अपना सहयोग करना होगा, तभी देश नशा मुक्त बन पाएगा। नशा करने से लोगों में गुस्सा, मानसिक बीमारी बढ़ रही है। सोचने, समझाने की क्षमता भी कम हो रही है। नशे के कारण लोगों की प्रवृत्ति भी ईर्ष्यालु हो रही है। इससे समाज में आपसी भाईचारा कमजोर होने से परिवार भी बिखर रहे हैं। अगर नशा नहीं करेंगे तो समाज में मूल्यों की वृद्धि होगी और देश व समाज की एकता बनी रहेगी।
अंत में सभी प्रतिभागियों ने स्वयं नशा न करने और इसके लिए दूसरों को भी प्रेरित करने का संकल्प लिया। उन्होंने विद्यार्थियों से आसपास जागरूकता फैलाने और नशा के दुष्प्रभाव बताकर लोगों को इसके बारे में जागरूक करने की अपील की। नशा करने वाले और बेचने वाले लोगों की जानकारी पुलिस को देने का भी आह्वान किया।
विद्यार्थियों को नशा नहीं करने की शपथ दिलाई
चरखी दादरी। कैप्टन जिले सिंह एकेडमी में आयोजित कार्यक्रम में सब इंस्पेक्टर विजय कुमार सिटी थाना चरखी दादरी और हेड कांस्टेबल दीपक कुमार ने विद्यार्थियों को नशामुक्ति के प्रति जागरूक किया। विद्यार्थियों को शपथ दिलाई गई कि वह किसी प्रकार का नशा नहीं करेंगे। सब इंस्पेक्टर विजय सिंह ने बताया कि किस प्रकार से आज का युवा नशे की चपेट में है। यह नशा न केवल वर्तमान अपितु उनके भविष्य को भी प्रभावित करेगा। विद्यार्थियों को चाहिए कि यह वर्तमान समय प्रतियोगी परीक्षाओं का है तो वह इसके लिए निरंतर और समावेशी तैयारी करें, ताकि वह अपने लक्ष्य में सफल हो पाएं।