चरखी दादरी। जनस्वास्थ्य विभाग की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था शहरवासियों को रास नहीं आ रही है। इस समय करीब साढ़े 9 हजार से अधिक प्रतिष्ठानों में रहने वाले लोग विभाग की आपूर्ति में आने वाले पानी के बजाय कैंपर खरीदकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं।
प्रतिदिन शहर में 24 आरओ प्लांट संचालक करीब 1.44 लाख लीटर पानी की आपूर्ति करते हैं। इसके बदले शहरवासी एक माह में करीब 53.70 लाख रुपये चुकाते हैं। अशुद्ध व अपर्याप्त पेयजल आपूर्ति का खामियाजा शहरी उपभोक्ता भुगत रहे हैं। लंबे समय से शहरवासी विभाग की पेयजल आपूर्ति के बजाय प्यास बुझाने के लिए आरओ प्लांट संचालकों के कैंपरों पर निर्भर हैं।
वहीं, कैंपर की मांग बढ़ने पर शहर में आरओ प्लांटों की संख्या भी बढ़ी है। यह 24 पहुंच चुकी है। वहीं, कैंपर खरीदने वाले लोगों की संख्या भी निरंतर बढ़ रही है। जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय भी इससे अछूता नहीं है। इस समय जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय में भी पानी के कैंपर रखकर काम चलाना पड़ रहा है।
ऐसे में स्पष्ट है कि खुद की पेयजल आपूर्ति से विभाग ही संतुष्ट नहीं है। मजबूरीवश कैंपर का सहारा लिया जा रहा है। दरअसल, गर्मी व उमस भरे दिनों में जहां जनस्वास्थ्य विभाग शहरवासियों को शुद्ध व पर्याप्त मात्रा में पेयजल आपूर्ति के दावे कर रहा है, वहीं, दूसरी तरफ, शहरवासी आरओ प्लांट संचालकों पर निर्भर हो चुके हैं। शहर में प्रतिदिन 24 आरओ प्लांटों से 1144 लाख लीटर पानी की आपूर्ति होती है। इसके अलावा, पानी संबंधी घरेलू जरूरतें पूरी करने के लिए 700 रुपये में शहरवासी पानी के टैंकर खरीदने के लिए भी विवश हैं।
एक आरओ प्लांट से प्रतिदिन 6 हजार लीटर पानी की होती है आपूर्ति: नाम न छापने की शर्त पर एक आरओ प्लांट संचालक ने बताया कि प्लांट संचालक शहर में प्रतिदिन दुकानों व घरों में लगभग 9600 पानी के कैंपर देते हैं। संचालक प्रति कैंपर 15 रुपये लेते हैं। संवाद