आयुषमान के तहत इलाज करवाने अस्पताल में पहुंची महिला ।
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पांच दिन बाद आयुष्मान योजना को शुरू हुए एक साल हो जाएगा। अभी भी जिले में काफी संख्या में ऐसे पात्र लोग हैं जिनका 2011 की आर्थिक जनगणना के आधार पर तैयार की गई सूची में नाम तो है लेकिन उनके गोल्डन कार्ड नहीं बन पाए हैं। ऐसे में योजना के पात्र होने के बाद भी ये लोग पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में उपचार नहीं करवा पा रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि वे गोल्डन कार्ड बनवाने की जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर चुके हैं। लेकिन अब तक गोल्डन कार्ड उनके हाथ में नहीं आए हैं। इन पात्र लोगों ने विभागीय अधिकारियों से जल्द से जल्द गोल्डन कार्ड बनवाने की मांग की है। वहीं, आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सीएमओ अभिमन्यु का कहना है कि बाकी बचा टारगेट जल्द हासिल कर लिया जाएगा। कर्मचारियों को गोल्डन कार्ड बनाने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
ज्ञात रहे कि आयुष्मान योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर 2018 को की थी। आगामी 23 सितंबर को इस योजना को एक साल पूरा हो जाएगा और चरखी दादरी जिले में अभी भी करीब पांच हजार पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड नहीं बन पाए हैं। अब तक विभाग की तरफ से 18 हजार पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। इनमें से करीब ढाई सौ लोग पैनल में शामिल छह अस्पतालों में जाकर अपना उपचार करवा चुके हैं। वहीं, बौंदकलां क्षेत्र के पात्र लोगों के दस्तावेज जमा कराने के बाद भी गोल्डन कार्ड नहीं बन पाए हैं। इससे लोगों में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर रोष है।
पात्र परिवारों ने अमर उजाला कार्यालय में फोन कर गोल्डन कार्ड न बनने की समस्या रखी। लोगों ने बताया कि पात्र होने के बाद भी उन्हें अब तक आयुष्मान योजना से नहीं जोड़ा गया है। इसके चलते वो पांच लाख तक के निशुल्क उपचार का लाभ नहीं उठा पा रहे। वहीं, आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सीएमओ अभिमन्यु ने बताया कि गोल्डन कार्ड बनाने के लिए आयुष्मान मित्र सहित आंगनबाड़ी व आशा वर्कर्स की विभाग मदद ले रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही सभी पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड बनवाकर वितरित कर दिए जाएंगे। पात्रों का जो डाटा घर-घर जाकर जुटाया गया था, उसे जल्द ही अपडेट किया जाएगा।
झोझूकलां और बाढड़ा क्षेत्र के लोग ज्यादा परेशान
नियमानुसार सिविल अस्पताल के अलावा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष्मान काउंटर होना चाहिए। दादरी सिविल अस्पताल में गत 23 सितंबर को ही आयुष्मान काउंटर शुरू कर दिया गया था। वहीं, बौंदकलां में करीब दस दिन पहले ही आयुष्मान काउंटर शुरू किया गया है। झोझूकलां और गोपी सीएचसी में आयुष्मान काउंटर न होने के चलते गोल्डन कार्ड बनाने शुरू नहीं किए गए हैं। इन क्षेत्रों के लोगों को दादरी सिविल अस्पताल की भागदौड़ करनी पड़ रही है। इसके चलते उन्हें परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
आयुष्मान योजना नोडल अधिकारी डॉ. अभिमन्यु ने कहा कि आयुष्मान काउंटरों की कमी को दूर करने के लिए हम प्रयासरत हैं। दादरी सिविल अस्पताल के अलावा बौंदकलां में आयुष्मान काउंटर शुरू कर चुके हैं। जल्द ही झोझूकलां और गोपी सीएचसी में भी आयुष्मान काउंटर शुरू किया जाएगा। गोल्डन कार्ड बनाने के काम में तेजी लाने के निर्देश हमने दे दिए हैं।