चरखी दादरी। कचरा डालने से खफा वार्ड-18 के लोगों ने पांच दिन के अंदर एमआरएफ (मेटल रिकवरी फेस्लिटी) सेंटर पर दूसरी बार ताला जड़ दिया। गुस्साए लोग यहां करीब तीन घंटे तक डटे रहे लेकिन नगर परिषद के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे।
सिटी थाना प्रभारी राजकुमार अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे, लेकिन वो लोगों को आश्वस्त नहीं कर पाए। दोपहर करीब एक बजे एमआरएफ सेंटर को ताला लगा छोड़कर वार्डवासी लौट गए। बता दें कि रानियां वाला जोहड़ डंपिंग यार्ड पर वर्षों से डाले जा रहे कचरे को नगर परिषद अधिकारी एजेंसी की मार्फत निस्तारित करवा चुके हैं। हाल ही में कचरा उठान के कार्य का टेंडर भी एजेंसी को दिया गया है। गत-12 अगस्त से वार्ड-18 के लोग एमआरएफ सेंटर पर कचरा डालने का विरोध कर रहे हैं। यहां कचरा डालने पर गत 12 अगस्त को भी उन्होंने ताला जड़ दिया था। उस दौरान मौके पर पहुंचे नगर परिषद अधिकारियों ने बुधवार को वार्ता करने का आश्वासन उन्हें दिया था।
वादे के अनुसार बुधवार सुबह 10 बजे वार्डवासी जब एमआरएफ सेंटर पहुंचे तो वहां कचरा डला मिला। यह देखकर गुस्साए वार्डवासियों ने तत्काल एमआरएफ सेंटर को ताला जड़ दिया। वहीं, वार्ड की महिलाएं एमआरएफ सेंटर के अंदर ही धरने पर बैठ गईं। इस दौरान वार्डवासियों ने नगर परिषद के खिलाफ नारेबाजी की और ताला खोलने से स्पष्ट इन्कार कर दिया। दोपहर एक बजे तक इंतजार करने के बाद भी नगर परिषद का कोई अधिकारी ताला खुलवाने मौके पर नहीं पहुंचा और लंबा इंतजार कर लोग अपने घर लौट गए।
ऑटो टिप्पर नहीं हो पाए खाली
कचरा लेकर एमआरएफ सेंटर पर पहुंचे ऑटो टिप्पर ताला जड़ा होने के चलते खाली नहीं हो पाए। चालकों ने सभी ऑटो टिप्पर एमआरएफ सेंटर के बाहर ही कतार में खड़े कर दिए। दोपहर बाद तक ऑटो टिप्पर यहीं खड़े रहे और कचरा उठान सेवा प्रभावित रही।
लोग बोले : अधिकारियों ने की वादाखिलाफी, पीछे नहीं हटेंगे हम
वार्ड-18 निवासी धर्मसिंह, विजय, राजकुमार, पप्पू श्योराण, अशोक, नागेंद्र, राहुल, नरेंद्र, राजा, दलबीर, संतोष, प्रीति, शारदा, सुनीता, रेखा, सुमन और राजबाला आदि ने बताया कि गत 12 अगस्त को नगर परिषद के अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया था कि बुधवार को वो बैठक करेंगे और तब तक यहां कचरा नहीं डाला जाएगा। अधिकारियों ने वादाखिलाफी करते हुए यहां कचरा डलवा दिया जबकि बैठक भी नहीं की।
कचरा डलवाने से इन्कार, गोवंशों के लिए तैयार
वार्डवासियों का कहना है कि करीब तीन माह पहले यहां कचरा डालने से बीमारियों का प्रकोप बढ़ा था। उस दौरान वार्डवासी और पशु बीमार हो गए थे। मुश्किल से यहां पड़ा कचरा नगर परिषद अधिकारियों ने उठवाया था। उनका कहना है कि यहां किसी भी कीमत पर कचरा नहीं डालने देंगे। नगर परिषद और प्रशासन चाहे तो लावारिश गोवंशों को पकड़कर यहां छोड़ सकते हैं।