चरखी दादरी। अनाज मंडी में पिछले पांच दिनों से लगातार बाजरा की आवक रफ्तार पकड़ रही है। वहीं खरीद शुरू नहीं होने का असर अब मंडी के बाहर भी साफ दिखाई देने लगा है। मंडी परिसर में टिन शेडों में उपज रखने की जगह नहीं है, वहीं मजबूरन किसान मंडी परिसर में खुले आसमान के नीचे उपज डालने को मजबूर हो रहे हैं।
सरकारी और निजी खरीद नहीं होने के कारण किसान लगातार उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं लेकिन बिक्री नहीं होने से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतार बढ़ती जा रही है। रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को स्थिति और बिगड़ गई। चिड़िया रोड से एनएच-334बी तक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की करीब एक किलोमीटर लंबी लाइन लग गई।
घंटों इंतजार के चलते किसान परेशान रहे। कई किसान ट्रैक्टर की ड्राइविंग सीट पर बैठकर मोबाइल चलाते और गेम खेलकर समय बिताते नजर आए। खरीद शुरू नहीं होने से मंडी में पहुंचने वाली उपज की उठान नहीं हो पा रही है।
मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर दर्शाया गया दूसरा जिला
अनाज मंडी से महज पांच किलोमीटर स्थित गांव टिकान कलां से बाजरा की उपज लेकर पहुंचे किसान सुमीत ने बताया कि हमने अपनी दादी भगवती देवी के नाम से आठ एकड़ जमीन में बाजरा की उपज दर्ज करवाई थी लेकिन यहां आने के बाद पोर्टल से पता चला कि वह इस जिले का निवासी ही नहीं है। अब पोर्टल में दर्ज पता ठीक करवाने के लिए एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ेंगे।
सरल बनाई जाए प्रक्रिया की मांग
कतार में खड़े गांव झींझर निवासी किसान अमित ने बताया कि कि मंडी में पहुंची बाजरा की उपज की खरीद जल्द शुरू की जानी चाहिए। पोर्टल की जटिल प्रक्रिया के कारण अलग से परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रशासन को चाहिए कि वो सरकारी और निजी खरीद जल्द शुरू कर मंडी में जमा उपज की निकासी कराई जाए। साथ ही पोर्टल और सत्यापन की प्रक्रिया को सरल किया जाए ताकि किसान फसल बेचने के बजाय रिकॉर्ड दुरुस्त कराने के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाते रहें
बाजरा की सरकारी व निजी खरीद शुरू नहीं हो पाई है। अभी हमारे पास खरीद संबंधी कोई आदेश पत्र नहीं मिला है। जैसे ही उच्च अधिकारियों के आदेश मिलेंगे हम निर्देश के अनुसार खरीद प्रक्रिया शुरू करवा देंगे।
-विद्या सागर, सचिव, मार्केट कमेटी