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Charkhi Dadri News: पटवारी-कानूनगो धरने पर, ठप रहे राजस्व के काम<bha>;</bha> 150 रजिस्ट्रियां और 300 इंतकाल अटके

Fri, 21 Aug 2026 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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किला मैदान में धरने पर बैठे पटवारी एवं कानूनगों नारे बाजी करते हुए।  - फोटो : 1
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चरखी दादरी। द पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा के आह्वान पर बुधवार को दादरी जिला मुख्यालय स्थित किला मैदान में पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन ने सांकेतिक धरना देकर सरकार के खिलाफ रोष जताया। धरने में जिले के 12 कानूनगो और 125 पटवारियों ने भाग लिया। इससे 150 रजिस्ट्रियां व 300 इंतकाल सहित प्रमाणपत्र बनाने के कार्य रुक गए।
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हड़ताल के कारण राजस्व विभाग से संबंधित कार्य लगभग ठप रहे जिससे आमजन को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों का दावा है कि एक दिन के कार्य प्रभावित होने से सरकार को करीब 50 लाख रुपये तक के राजस्व नुकसान की संभावना है।
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने राजस्व विभाग में लागू किए गए नए पोर्टल की तकनीकी खामियों और डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध न करवाने पर सरकार पर सवाल उठाए। एसोसिएशन का कहना है कि इंतकाल और बदर से संबंधित नए पोर्टल पर रिकॉर्ड संबंधी अनियमितताएं और लगातार तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं। इसके चलते जहां राजस्व कर्मचारियों को काम करने में परेशानी हो रही है वहीं आमजन को भी अपने कार्यों के लिए बार-बार तहसील के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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तकनीकी खराबी से पटवारी परेशान
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पोर्टल की तकनीकी खराबी का खामियाजा पटवारियों को भुगतना पड़ रहा है। कई बार आमजन का काम समय पर न होने से कर्मचारियों और लोगों के बीच विवाद जैसी स्थिति भी बन जाती है। एसोसिएशन ने मांग की कि पोर्टल की सभी तकनीकी कमियों को तुरंत दूर किया जाए और तकनीकी कारणों से होने वाली किसी भी गलती की जिम्मेदारी संबंधित आईटी विभाग की तय की जाए।
तीन हजार से अधिक खसरा नंबरों का सर्वे चुनौती
पटवारी-कानूनगो एसोसिएशन ने डिजिटल क्रॉप सर्वे की व्यवस्था को भी अव्यावहारिक बताया। पदाधिकारियों ने कहा कि ई-गिरदावरी के साथ डिजिटल क्रॉप सर्वे करवाया जा रहा है लेकिन इसके लिए संबंधित पटवारियों को टैबलेट सहित आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं करवाए गए हैं। खरीफ फसल के दौरान प्रत्येक खसरा नंबर की 20 मीटर की रेंज में फोटो लेना अनिवार्य किया गया है।
फोटो लेना बना मुसीबत
एसोसिएशन के अनुसार एक पटवारी के पास औसतन तीन हजार से अधिक खसरा नंबर हैं। ऐसे में इतने बड़े क्षेत्र में जाकर प्रत्येक खसरा नंबर की निर्धारित दूरी से फोटो लेना बेहद मुश्किल है। कर्मचारियों ने सरकार से जमीनी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था में व्यावहारिक बदलाव करने की मांग की।

रजिस्ट्रियों सहित हजारों कार्य प्रभावित
हड़ताल और धरने का असर जिले के राजस्व कार्यों पर साफ दिखाई दिया। कर्मचारियों के अनुसार बुधवार को करीब 150 रजिस्ट्रियां, 300 इंतकाल, एक हजार जाति प्रमाणपत्र, 1200 रिहायशी प्रमाणपत्र, 79 गिरदावरी और 50 निशानदेही सहित अन्य कई कार्य प्रभावित हुए। धरने की अध्यक्षता तहसील चरखी दादरी के प्रधान कुलबीर छिल्लर ने की, जबकि मंच संचालन तहसील उपप्रधान पवन फोगाट ने किया। जिला सचिव प्रतीक जांघू, कोषाध्यक्ष संजीव श्योराण, कानूनगो रवि मेहरा सहित बड़ी संख्या में पटवारी और कानूनगो मौजूद रहे।

वर्सन:
दोनों प्रमुख मांगों को लेकर पिछले तीन-चार माह में उच्च अधिकारियों के साथ कई बैठकें हो चुकी हैं लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं निकला है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में 20 और 21 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर दो दिवसीय सांकेतिक धरना दिया जा रहा है। यदि सरकार ने जल्द मांगों का समाधान नहीं किया तो आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया जा सकता है।
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- कुलबीर छिल्लर, जिला प्रधान, द पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन
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