चरखी दादरी। बदर बनाने की एवज में 800 रुपये की रिश्वत लेने के आरोपी पटवारी अशोक कुमार को उपायुक्त ने निलंबित कर दिया है। एसडीएम योगेश सैनी की जांच के बाद पटवारी के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि प्रशासन की तरफ से आधी अधूरी कार्रवाई की गई है। दोषी पटवारी की गिरफ्तारी में देरी किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एमएसपी किसान मोर्चा प्रदेश संयोजक जगबीर घसोला ने बताया कि राजस्व विभाग के पटवारियों की ओर से इंतकाल दर्ज करने, फर्द-बदर बनाने, जमाबंदी अनुप्रमाणित करने की एवज में मनमानी फीस वसूलकर आम जनता का शोषण किया जा रहा है। बदर बनाने की एवज में उनसे 800 रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। इस मामले में उपायुक्त ने कड़ा संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की और भ्रष्ट कर्मचारियों को सख्त संदेश दिया है।
भाकियू प्रतिनिधिमंडल सदस्य प्रदेश महासचिव रणबीर, महताब सिंह व ओम ने बताया कि उपायुक्त मुनीश शर्मा को इस मामले में संगठन की ओर से 11 अगस्त को शिकायत दी गई थी। इसके बाद उन्होंने शिकायत की जांच एसडीएम योगेश सैनी से कराई। प्रतिनिधिमंडल सदस्यों ने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त पटवारी अशोक पटवारी के खिलाफ रिश्वत लेने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जानी चाहिए थी।
जानें....क्या है बदर :
भारतीय भूमि अभिलेखों में बदर एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह किसी संपत्ति के स्वामित्व और विवरण का आधिकारिक रिकॉर्ड है।
पटवारी अशोक को निलंबित करने का आदेश जारी हो चुका है। उस पर बदर की एवज में रिश्वत लेने का आरोप था।
राजकुमार भौरिया, जिला राजस्व अधिकारी, चरखी दादरी