एक महिला का तीन साल तक इंतकाल लटकाना पटवारी को महंगा पड़ गया। शुक्रवार को उपायुक्त अमरजीत सिंह मान ने इस मामले में घसौला के पटवारी सज्जन सिंह को निलंबित करते हुए तुरंत इंतकाल भी दर्ज करवा दिया । दरअसल, शकुंतला नामक महिला उपायुक्त के पास अपनी शिकायत लेकर पहुंची थी, जिसमें उसने बताया था कि वह बलकरा गांव की रहने वाली है और पिछले कई सालों से अपने बच्चों के साथ हैदराबाद में रहती हैं। उसके पति का स्वर्गवास हो चुका है।
गांव में उनकी पुश्तैनी जमीन का तहसीलदार की कोर्ट द्वारा 27 दिसंबर को जारी आदेशों पर लगभग तीन साल पहले बंटवारा हो गया था लेकिन उसका इंतकाल अभी तक नहीं हुआ है। जिसके कारण उन्हें बार-बार हैदराबाद से यहां आना पड़ता है। उपायुक्त ने महिला की शिकायत पर संबंधित पटवारी को बुलाकर रिकार्ड की जांच की और पाया कि पटवारी की कोताही के कारण इंतकाल दर्ज नहीं हुआ है। इस पर उपायुक्त ने बलकरा के तत्कालीन पटवारी सज्जन सिंह को निलंबित कर दिया। आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान सज्जन पटवारी का मुख्यालय एसडीएम कार्यालय चरखी दादरी रहेगा। छह माह तक उसे गुजारा भत्ता दिया जाएगा।