झोझूकलां। मौड़ी गांव के किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को उपायुक्त कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। इसमें पटवारी पर मुआवजा देने से इनकार करने का आरोप लगाया और फसलों का उचित मुआवजा सरकार से दिलाने की मांग की। वहीं, ग्राम पंचायत और जिला पार्षद ने भी किसानों की बातों का समर्थन किया।
दरअसल, बुधवार सुबह सरपंच प्रतिनिधि अनिल फोगाट की अगुवाई में मौड़ी गांव के किसान दादरी लघु सचिवालय पहुंचे। यहां उन्होंने उपायुक्त कार्यालय में ज्ञापन सौंपा और मुआवजा दिलाने की मांग की गई। ग्राम पंचायत की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि 27 दिसंबर 2024 को मौड़ी गांव में ओलावृष्टि हुई थी और उससे फसल को काफी नुकसान पहुंचा था।
ओलावृष्टि के बाद पटवारी, गिरदावर और दोनों हलकों के विधायक खेतों में नुकसान का जायजा लेने पहुंचे थे। उस दौरान किसानों को सरकार से मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया गया था। पुराने पटवारी का तबादला होने के उपरांत नए ने पदभार संभाल लिया है और वह मुआवजेे लिए मना कर रहे हैं। इसके चलते बुधवार को किसान उपायुक्त से मिलने पहुंचे।
प्रति एकड़ दो से तीन क्विंटल पैदावार
सरपंच प्रतिनिधि अनिल फोगाट ने बताया कि सामान्य तौर पर प्रति एकड़ 10 से 12 क्विंटल पैदावार होती है। ओलावृष्टि के चलते इस बार प्रति एकड़ दो से तीन क्विंटल पैदावार ही होगी। किसानों को करीब 75 फीसदी तक नुकसान हुआ है जबकि मुआवजा दिलाने में आनाकानी की जा रही है।