अमर उजाला एक्सकलूसिव:
प्रस्तावित लीड:
- दादरी जिले में बने 92 सर्कल में 53 पटवारी हैं तैनात, सरकार के खिलाफ रोष जताते हुए अतिरिक्त सर्कल के काम नहीं कर रहे पटवारी, कार्यालयों से बैरंग लौट रहे लोग
- शुक्रवार को भी काली पट्टी बांधकर जिले में पटवारियों ने जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। भ्रष्ट पटवारियों की सूची वायरल होने के बाद आमजन सरकार और पटवारियों के बीच चल रही खींचतान में पिस रहा है। 39 सर्कल में शामिल गांवों के पिछले चार दिनों से जमीन संबंधी कार्य नहीं हो पा रहे हैं। ये वे सर्कल हैं, जिनमें नियमित पटवारी नियुक्त नहीं हैं। दूसरे पटवारियों को इनका अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। पिछले चार दिनों से इन सर्कल में आने वाले गांवों के लोग कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। उनके काम नहीं हो रहे है।
17 जनवरी को भ्रष्ट पटवारियों की सूची वायरल हुई थी। इसके चलते पटवारी 18 फरवरी से प्रदेश में लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। पटवारियों की कमी का हवाला देकर इसके बाद से ही वे अतिरिक्त कार्यभार वाले सर्कल के काम नहीं निपटा रहे हैं।
दादरी जिले की अगर बात करें तो 92 सर्कल बनाए गए हैं जबकि 53 ही पटवारी तैनात हैं। ऐसे में 39 सर्कल में आने वाले गांवों के जमीन संबंधी कार्याें के लिए तैनात पटवारियों को ही अतिरिक्त कार्यभार मिला हुआ है।
18 फरवरी के बाद से ही पटवारी सरकार के खिलाफ अपना विरोध जता रहे हैं। वे न केवल काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं, बल्कि, अतिरिक्त सर्कल के कामकाज भी नहीं कर रहे हैं। इसके चलते कई गांवों के लोगों के जमीन संबंधी कार्य लटक गए हैं। लोग आए दिन पटवारियों के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन, विरोध प्रदर्शन के चलते वे अतिरिक्त कार्य करने से किनारा किए हुए हैं।
इसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। किसी की जमीन खरीद-फरोख्त के कार्य लटक गए हैं तो कोई जमीन नाम कराने की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहा है। ऐसा एक-दो दिन से नहीं, बल्कि, पिछले चार दिनों से हो रहा है। लोगों का कहना है कि दोनों पक्षों को मसले का हल निकालकर आमजन को राहत देनी चाहिए।
- चूक सुधारने तक जारी रहेगा प्रदर्शन
जिला पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक वायरल की गई भ्रष्ट पटवारियों की लिस्ट सरकार वापस नहीं लेती है तब तक विरोध जारी रहेगा। फिलहाल, सभी पटवारी काली पट्टी बांधकर अपना काम करते हुए सरकार का विरोध जता रहे हैं।
- प्रतिदिन 300 लोग लौट रहे बिना काम कराए
जिन गांवों के लिए नियमित पटवारी नहीं हैं, वहां के ग्रामीण पिछले चार दिनों से विभिन्न काम नहीं करवा पा रहे हैं। लोगों के रिहायशी प्रमाणपत्र बनवाने, फरद सत्यापन, लोन संबंधी कागजी कार्रवाई आदि रुकी हुई हैं। प्रतिदिन 300 से अधिक लोगों को बिना काम कराए ही पटवारियों के दफ्तरों से लौटना पड़ रहा है। पिछले चार दिनों की बात करें तो 1200 लोग अपना काम कराए बिना वापस गए हैं।
- इन गांवों का पटवारियों को दिया गया अतिरिक्त कार्यभार
सांतौर, नौरंगाबास जाटान, ऊण, माईखुर्द, ढाणी फोगाट, इमलोटा, मैहड़ा, असावरी, गुडाना, गोकल, बादल, रूदड़ोल, बलकरा, घसोला, डाढी बाना, आाबिदपुरा, कलाली, झोझूकलां, मिसरी, मालकोष, झिंझर, भागेश्वरी, अचीना, सौंप व कासनी गांव का अतिरिक्त कार्यभार दूसरे सर्कल के पटवारियों को दिया गया है।
लोगों की परेशानी, उन्हीं की जुबानी
- जमीन का रिकॉर्ड देखने के लिए पटवारी के पास आया था, लेकिन, पटवारी के पास हमारे गांव का अतिरिक्त कार्यभार होने के कारण उन्होंने रिकॉर्ड दिखाने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक सरकार हमारी मांगों को नहीं मानती, तब तक हम थोपे गए अतिरिक्त गांव का काम नहीं करेंगे।
-श्रीभगवान, नौसवां
- बच्चे का रिहायशी प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पटवारी के पास आया था। लेकिन, पटवारी ने दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया है। सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए रिहायशी प्रमाणपत्र बनवाना जरूरी बताया गया है। पटवारी के काम न करने से हमारे काम अटक गए हैं।
-सुमेश कुमार, सांतौर
- जमीन की रजिस्ट्री बनवाने के बाद इंतकाल के लिए रोहतक चौक स्थित पटवारी कार्यालय में आया था। लेकिन, उन्होंने विरोध के चलते इंतकाल करने से मना कर दिया है। अब जब इनका आंदोलन समाप्त होगा। इसके बाद ही इंतकाल हो पाएगा। आज बिना काम कराए ही लौटना पड़ रहा है।
-नरेंद्र कुमार, दूधवा
- फव्वारा सेट पर मिल रही सब्सिडी के लिए जमीन की फर्द का सत्यापन करवाना जरूरी है, लेकिन, पटवारी के पास हमारे गांव का अतिरिक्त कार्यभार होने के कारण उन्होंने सत्यापन करने से मना कर दिया है। अब कार्य नहीं होने से मुझे बैरंग लौटना पड़ेगा।
-प्रताप सिंह, आदमपुर डाढी
वर्सन:
राज्य कार्यकारिणी की ओर से हमें 24 जनवरी तक विरोध करने का आदेश मिला और इसका हमने पालन किया। आगे जो राज्य कार्यकारिणी आ आदेश होगा, उसे भी हम पूरा करेंगे। फिलहाल, सभी पटवारी अपने हलके का कार्य कर रहे हैं।
-कुलबीर सांगवान, प्रधान, जिला पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन
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घिकाड़ा रोड स्थित पटवारी कार्यालय में काली पट्टी बांधकर विरोध जताते पटवारी। संवाद
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श्रीभगवान।
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सुरेश।
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नरेंद्र।
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प्रताप सिंह।