चरखी दादरी। सरकार से वार्ता सफल रहने पर जिले के पटवारी और कानूनगो हड़ताल खत्म कर वीरवार से सीट पर लौट आए हैं। उनके कार्यालय में बैठते ही काम कराने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हड़ताल समाप्ति के पहले ही दिन सामान्य दिनों के मुकाबले दोगुना संख्या में लोग कार्यालय पहुंचे। शुक्रवार को यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। जिले में 58 पटवारी और 10 कानूनगो तैनात हैं।
बता दें कि पे-ग्रेड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेश के पटवारी और कानूनगो हड़ताल पर थे। बुधवार को सरकार के साथ हुई वार्ता में सहमति बन गई और उन्होंने हड़ताल स्थगित कर दी। एसोसिएशन पदाधिकारियों के निर्णय अनुसार पटवारी और कानूनगो वीरवार से काम पर लौट आए और इससे लोगों को राहत की सांस मिली। सुबह से शाम तक पटवारियों के कार्यालय में अलग-अलग प्रकार के काम कराने के लिए 4000 से अधिक लोग पहुंचे।
बता दें कि दादरी मुख्यालय पर पटवारियों के दफ्तर अलग-अलग जगहों पर किराये के भवनों में चल रहे हैं। उनके हड़ताल पर होने से लोगों के जरूरी काम अटक गए थे। हड़ताल के दौरान लोग लगातार कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन बावजूद इसके उनके काम नहीं हो पा रहे थे। पटवारियों ने बताया कि सामान्य तौर पर उनके पास प्रतिदिन 35 से 40 लोग पहुंचते थे, लेकिन वीरवार को यह संख्या 70 से 80 पहुंच गई। शुक्रवार को यह संख्या और अधिक होने का अनुमान है क्योंकि वीरवार को ज्यादातर लोगों को ये नहीं पता चल पाया कि पटवारियों व कानूनगो की हड़ताल खत्म हो गई है।
जानिये....कैसे बढ़ी कार्यालयों में लोगों की भीड़
लोहरवाड़ा, खातीवास, दातोली, नौसवा और फतेहगढ़ समेत अन्य गांवों के पटवारी महेश ने बताया कि पहले उनके पास प्रतिदिन 35 से 40 लोग पहुंचते थे। हड़ताल खत्म होने के पहले ही दिन वीरवार को उनके कार्यालय में करीब 80 लोग अपने काम करवाने पहुंचे। इसी प्रकार दादरी व रावलधी पटवारी रामअवतार ने बताया कि उन्होंने वीरवार को 60 लोगों के काम किए जबकि पहले यह संख्या 25 से 30 तक सीमित रहती थी।
लोग बोले: लंबे इंतजार के बाद बन पाए काम
- मुझे जमीन बेचनी है और इसके लिए बदर निकलवानी थी। हड़ताल के चलते यह काम नहीं हो पा रहा था और मैं परेशान था। वीरवार को मेरा काम बन गया।
-महेश, दादरी
- मुझे ओबीसी का प्रमाणपत्र बनवाना था। पिछले करीब 10 दिनों में तीन चक्कर लगा चुका था लेकिन हड़ताल के चलते काम नहीं हो पाया। वीरवार को बात बन गई।
-राजकुमार, रावलधी
- मुझे अनुदान पर फव्वारा सेट लेने के लिए जमीन का सत्यापन कार्य कराना था। यह काम कई दिनों से अटका था और वीरवार को पटवारियों की हड़ताल खत्म होते ही सिरे चढ़ गया।
मीर सिंह, अटेला नया
- केसीसी कराने के लिए मुझे जमीन का सत्यापन कार्य कराना था। पिछले दस दिनों में दो बार काम कराने दादरी आया लेकिन बात नहीं बनी। वीरवार को कुछ ही देर में काम हो गया।
-राजकुमार, झोझूकलां
एसोसिएशन पदाधिकारियों के फैसले अनुसार वीरवार से जिले में सभी पटवारी और कानूनगो काम पर लौट आए हैं। अब लोगों के अटके काम सिरे चढ़ जाएंगे।
-कुलबीर सांगवान, प्रधान, पटवारी एसोसिएशन