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Charkhi Dadri News: कुश्ती-कबड्डी के क्षेत्र में फुटबाल का जुनून

Sun, 04 Feb 2024 03:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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कोच विश्वजीत के साथ चरखी के मैदान में मौजूद खिलाड़ी। 
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चरखी दादरी। दादरी जिला आमतौर पर कुश्ती और कबड्डी के लिए जाना जाता है। भारत में महिला कुश्ती को चर्चा में लाने में इस जिले का बहुत बड़ा योगदान है लेकिन पिछले चार साल में इस क्षेत्र के युवाओं का फुटबाल के प्रति रुझान बढ़ा है। चार साल पहले 12 खिलाड़ियों से चरखी गांव में शुरू फुटबाल अकादमी में खिलाड़ियों की संख्या बढ़कर 150 होना इसकी बानगी है। इन खिलाड़ियों में से 7 ऐसे हैं जो कम समय में ही बेहतरीन प्रदर्शन कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ चुके हैं। इस समय चरखी फुटबाल एकेडमी में महिला खिलाड़ियों की संख्या 50 और पुरुष खिलाड़ियों की संख्या 100 है।
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कोच विश्वजीत चौधरी ने बताया कि इस अकादमी की शुरुआत प्रदेश सरकार की ओर से चार साल पहले की गई थी। उस दौरान जिले में युवाओं का फुटबाल में रुझान कम था और केवल 12 लड़के ही मैदान में अभ्यास के लिए आते थे। इसके बाद उन्होंने गांव में फुटबाल खेल का महत्व और युवाओं के कॅरिअर निर्माण के अवसर संबंधी जानकरी दी। हर सप्ताह वे राजकीय स्कूल में जाकर शिक्षकों और विद्यार्थियों से बात करते और फुटबाल की जानकारी देते। इसके बाद दो साल के भीतर ही लड़कों की संख्या 12 से 50 हो गई। अब इस अकादमी में लड़कों की संख्या 100 पहुंच चुकी है।

इसके बाद कोच विश्वजीत चौधरी फुटबाल खेल के लिए बेटियों को आगे लाने की कवायद में जुट गए। उन्होंने लड़कियों के परिजनों से बेटियों को भी खेल में आगे लाने का आह्वान किया। उनकी अपील के सकारात्मक परिणाम सामने आए और लोगों ने धीरे-धीरे बेटियों को खेल मैदान में भेजना शुरू कर दिया। फिलहाल 50 बेटियां यहां फुटबाल का अभ्यास करती हैं और इनमें से तीन बेटियां राष्ट्र स्तरीय स्पर्धाओं में पदक भी जीत चुकी हैं। वहीं, कोच विश्वजीत चौधरी ने बताया कि एकेडमी के 120 खिलाड़ी राज्य स्तर पर अपना खेल कौशल दिखा चुके हैं।
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- इन बेटियों ने बनाई पहचान
कोच विश्वजीत ने बताया कि एकेडमी की खिलाड़ी सुनीता ने ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। वहीं, खिलाड़ी ज्योति एक बार कांस्य और एक बार रजत पदक जीत चुकी है। ज्योति कुमारी ने पिछले वर्ष स्कूल नेशनल खेलो इंडिया गेम्स में भी कांस्य पदक जीता था। ज्योति अब फरवरी माह में गुवाहटी में आयोजित होने वाले खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में अपना कौशल दिखाएगी।

- 36 खिलाड़ी राज्य स्तर पर जीत चुके पदक
एकेडमी के 14 आयुवर्ग में 36 महिला व पुरुष खिलाड़ी राज्य स्तर पर कांस्य पदक जीत चुके हैं। आयुवर्ग 17 में 18 महिला व 12 पुरुष खिलाड़ी कांस्य पदक हासिल कर चुके हैं। वहीं, खिलाड़ी गुलशन और योगेश ने गत वर्ष 4- 6 अक्तूबर तक पानीपत में हुए राज्य स्तरीय स्कूली खेलों में कांस्य पदक जीता था। एकेडमी के दस पुरुष खिलाड़ियों ने सीबीएलयू भिवानी में आगामी प्रतियोगिताओं के लिए क्वालीफाई किया है।

- ये रहती है खिलाड़ियों की दिनचर्या
कोच ने बताया कि सुबह 6 बजे सभी खिलाड़ी मैदान में अभ्यास के लिए आते हैं। इसके बाद आठ बजे स्कूल चले जाते हैं। गर्मियों में शाम को 4:30 से 7:30 और सर्दियों में 3:30 से 6:30 बजे तक खेल प्रशिक्षण लेते हैं। इनमें ज्यादातर लड़कियां खेल व पढ़ाई दोनों में अव्वल हैं। कोच ने बताया सरकार की पॉलिसी के अनुसार हर ग्राउंड में केवल 25 खिलाड़ियों को ही डाइट भत्ता राशि मिलती है।
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