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Charkhi Dadri News: उपचार में माता-पिता को मिली मदद, बीमारी पर भारी पड़ा बचपन...

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चरखी दादरी। बीमारियों के साथ पैदा हुए जिले के 28 बच्चे अब स्वस्थ हो गए हैं। इनके माता-पिता को उपचार में स्वास्थ्य विभाग की मार्फत सरकार से मदद मिली और बचपन बीमारियों पर भारी पड़ा। इन बच्चों के दिल के छेद, अंधापन और पैरों के टेढ़ेपन जैसी बीमारियों के सफल ऑपरेशन हुए और माता-पिता को उपचार में लुटना भी नहीं पड़ा।
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गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत आरबीएसके यानी राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत सरकारी स्तर पर गंभीर बीमारियों से ग्रस्त बच्चों का उपचार कराया जा रहा है। यहां तक कि ऑप्रेशन की जरूरत पड़ने पर पैनल में शामिल अस्पतालों से तारीख लेकर ऑपरेशन भी कराया जा रहा है। वहीं, एनजीओ की मदद से भी बीमारियों से ग्रस्त बच्चों का उपचार कराया जा रहा है। इनके उपचार का खर्च एनएचएम की ओर से वहन किया जाता है।
पिछले एक साल की बात करें, तो 28 बच्चों को कार्यक्रम का लाभ मिला है। इनके माता-पिता अगर अपने स्तर पर निजी अस्पताल में जाकर उपचार व ऑपरेशन कराते तो करीब 40 लाख तक खर्चा आता है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग से मदद मिलने पर उन्हें बच्चों के उपचार के लिए जेब ढीली नहीं करनी पड़ी और जन्मजात बीमारियों से उनके बच्चों को राहत मिल गई।
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जानिये....किस बीमारी के कितने हुए ऑपरेशन और कितना आता है खर्च
दिल का छेद : पिछले एक साल में आरबीएसके के तहत दिल के छेद के आठ मामले सामने आए हैं। इनमें से पांच बच्चों के रोहतक पीजीआई और अन्य अस्पताल से ऑपरेशन कराए गए हैं जबकि तीन बच्चों के ऑपरेशन की अभी डेट नहीं मिली है। प्रति ऑपरेशन एनएचएम की ओर से डेढ़ लाख का भुगतान किया गया जबकि माता-पिता अपने स्तर पर उपचार कराते तो तीन से चार लाख प्रति ऑपरेशन खर्च आता है।

अंधापन और भेंगापन : जिले में गत एक वर्ष में आंखों की बीमारियों से ग्रस्त 16 बच्चों का उपचार हुआ है। इनमें से 15 बच्चों का भेंगापन दूर करने के लिए ऑपरेशन हुए हैं जबकि एक बच्चे को ऑपरेशन के जरिये अंधापन से निजात मिली है। इन 16 बच्चों की आंखों संबंधी बीमारियों का खर्च एनएचएम ने आरबीएसके के तहत वहन किया है जबकि निजी तौर पर यह खर्च करीब पांच लाख से अधिक होता।

फुट डिजीज- फुट डिजीज से ग्रस्त चार बच्चों का निशुल्क उपचार करवाकर उन्हें ठीक किया गया है। इसके अलावा तीन बच्चों को पेशाब संबंधी दिक्कत थी और इन तीनों का ऑपरेशन कर बीमारी ठीक कर दी गई है। फुट डिजीज में बच्चे पैरों के टेढ़ेपन से ग्रस्त थे और पूरे उपचार के बाद उन्हें इस बीमारी से निजात मिल गई।


- एनएचम के आरबीएसके के तहत 28 बच्चों की विभिन्न बीमारियों का उपचार कराया जा चुका है। उनके उपचार और ऑपरेशन का खर्च कार्यक्रम के तहत विभाग ने वहन किया है। दिल में छेद, पैरों के टेढ़ापन, भेंगापन आदि बीमारियों से ग्रस्त बच्चों का माता-पिता दादरी नागरिक अस्पताल में आकर उपचार करवा सकते हैं।
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- डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ एवं नोडल अधिकारी, आरबीएसके
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