चरखी दादरी। गांव पालड़ी निवासी प्राचीन ठाकुर मंदिर के पुजारी रहे 68 वर्षीय पंडित रामकिशन के निधन से पूरे गांव में शोक छा गया। मंगलवार रात माता मंदिर में आयोजित रात्रि जागरण के दौरान वे भजन गाते-गाते झूमते हुए अंतिम सांस ली। अचानक हृदयगति रुकने से उनका निधन हो गया, जिससे वहां मौजूद सभी लोग स्तब्ध रह गए। रामबाग में उनके ज्येष्ठ पुत्र अनिल ने पिता को मुखाग्नि दी।
धार्मिक और सामाजिक जीवन में योगदान
पंडित रामकिशन बचपन से ही मंदिर सेवा में समर्पित रहे और गांव के धार्मिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी रखते थे। सरल स्वभाव और गहरी भक्ति भावना वाले उन्हें गांव में श्रद्धा और सम्मान की दृष्टि से देखा जाता था। पहले वे सिलाई का काम करते थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से केवल धार्मिक सेवा में लगे रहे। उनके निधन की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम यात्रा में जजपा नेता व पूर्व सरपंच कैलाश पालड़ी, प्रवीण, भगवतदयाल जोशी, उमेद पुजारी, संजय शर्मा, राजकुमार पुजारी आदि माैजूद रहे।