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Charkhi Dadri News: अब दूसरे जिले में नहीं जाएगा किसान, अपनी ही मंडी में बिक जाएगा धान

Tue, 24 Sep 2024 05:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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अमर उजाला इंपैक्ट::
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मौजूदा सीजन में धान की औसत पैदावार करीब दो लाख 50 हजार क्विंटल तक होने का है अनुमान, 6 सितंबर के संस्करण में अमर उजाला ने उठाया था जिले में खरीद न होने का मुद्दा
- मार्केट कमेटी एक अक्तूबर से शुरू करेगी खरीद, अधिकारियों के पास पहुंचा आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी

चरखी दादरी। जिले के किसानों को इस बार धान बेचने के लिए बेरी, रोहतक, बहादुरगढ़, सांपला, जींद व जुलाना मंडियों में नहीं जाना पड़ेगा। दादरी मार्केट कमेटी धान की सरकारी खरीद शुरू करने जा रही है। एक अक्तूबर से धान की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है।
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अमर उजाला ने इस मुद्दे के प्रमुखता से उठाया था। छह सितंबर के संस्करण में खरीद केंद्र की कमी से नहीं बेच पा रहे धान, दूसरे जिलों में जाने की विवशता...नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद मुख्यालय से मार्केट कमेटी अधिकारियों के पास एक अक्तूबर से चरखी दादरी में धान की खरीद शुरू करने का आदेश पहुंचा। अधिकारियों की मानें तो जिन किसानों नेे ऑनलाइन पोर्टल पर धान की बिजाई का पंजीकरण करवा रखा है, उनकी फसल मार्केट कमेटी एमएसपी पर खरीदेगी।
दरअसल, अब तक दादरी अनाज मंडी में धान की खरीद नहीं हुई है। जिले में धान का रकबा 16 हजार हेक्टेयर क्षेत्र है। धान की खरीद 23 सितंबर से शुरू होनी थी लेकिन अब एक अक्तूबर से होगी। मौजूदा सीजन में धान की औसत पैदावार करीब दो लाख 50 हजार क्विंटल होने का अनुमान है।
चरखी दादरी दक्षिणी हरियाणा की एकमात्र तिलहन अनाज मंडी है। यहां झज्जर, महेंद्रगढ़ व भिवानी जिलों के किसान भी अनाज की बिक्री करने आते हैं। मंडी में रबी सीजन में सरसों, जौ व गेहूं और खरीफ सीजन में बाजरा, मूंग, कपास की खरीद की जाती है।
खरीफ की प्रमुख फसल धान की खरीद के लिए दादरी मंडी में अब तक कोई व्यवस्था नहीं थी। जिले के किसानों का पिछले पांच-छह सालों से धान की खेती के प्रति रुझान बढ़ा है। कारण यह कि इसकी अच्छी पैदावार मिल जाती है। कपास के बाद धान भी खरीफ सीजन की नकदी फसल मानी जाती है।
- दूसरे जिलों में जाने से किसान झेलते थे परेशानी


किसान दादरी मंडी में धान की सरकारी या प्राइवेट खरीद नहीं होने पर दूर-दराज की मंडियों में बेचने को विवश थे या गांवों में पहुंचने वाले अनधिकृत दलालोंं को औने-पौने दामों में उपज बेचते थे। इससे किसानों को घाटा झेलना पड़ता है। दादरी अनाज मंडी में करीब 250 आढ़ती हैं। इनमें से एक भी आढ़ती धान की प्राइवेट तौर खरीद नहीं करता है।
- पोर्टल पर पंजीकरण होना जरूरी
इस बार मार्केट कमेटी धान की भी सरकारी खरीद करने जा रही है। जिन किसानों ने मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर धान का पंजीकरण करवा रखा है, उनकी फसल मार्केट कमेटी एमएसपी दर पर खरीदेगी। किसान का पोर्टल पर पंजीकरण होना जरूरी है।
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वर्सन:
जिन किसानों ने पोर्टल पर धान का पंजीकरण करवा रखा है, उनकी फसल एमएसपी दर पर खरीदी जाएगी। मार्केट कमेटी एक अक्तूबर से खरीद शुरू करने के लिए तैयार है। जो भी किसान धान की बिक्री करने आएगा, नियमानुसार खरीद की जाएगी।
-विद्या सागर, सचिव, मार्केट कमेटी चरखी दादरी
फोटो- 23
खेत में खड़ी धान की फसल। संवाद
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