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Charkhi Dadri News: ओलावृष्टि से तीन हजार एकड़ में धान की फसल बर्बाद, मुआवजे की मांग

Wed, 28 Oct 2026 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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चरखी दादरी। जिले में 23 अक्तूबर को हुई ओलावृष्टि से धान की फसल को हुए नुकसान की भरपाई के लिए किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग उठाई है। चरखी गांव के दर्जनों किसान जिला उपायुक्त के कैंप कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर प्रभावित खेतों की विशेष गिरदावरी करवाने की मांग की। किसानों का कहना है कि ओलावृष्टि से करीब तीन हजार एकड़ में खड़ी धान की फसल बर्बाद हुई है जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
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किसानों ने प्रशासन से खेतों में हुए नुकसान का वास्तविक आकलन करवाकर प्रभावित किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि नुकसान का सही आकलन होने से ही प्रभावित किसानों को राहत मिल सकेगी। किसानों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने की अपील की।
फसल खराब होने से बढ़ी किसानों की चिंता
किसानों ने बताया कि धान की फसल तैयार होने के समय हुई ओलावृष्टि ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। फसल की बोआई से लेकर कटाई तक खाद, बीज, सिंचाई और कीटनाशकों पर खर्च किया गया है। अब प्राकृतिक आपदा के कारण फसल खराब होने से लागत निकालना भी चुनौती बन गया है। ऐसे में समय रहते नुकसान का आकलन कर मुआवजा नहीं दिया गया तो किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
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खेतों का हो निरीक्षण
किसानों ने मांग की कि प्रशासन प्रभावित खेतों का मौके पर निरीक्षण करवाकर नुकसान की वास्तविक स्थिति दर्ज करे। विशेष गिरदावरी में नुकसान का सही आकलन होने से मुआवजा वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। उन्होंने इस कार्य में देरी न करने की अपील की, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर राहत मिल सके।
पोर्टल बंद होने से पंजीकरण की चिंता
किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से बंद पड़े मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल को दोबारा शुरू करवाने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि पोर्टल बंद होने से फसल संबंधी विवरण दर्ज करवाने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए पोर्टल को जल्द चालू किया जाए ताकि किसान अपनी फसल का ब्योरा दर्ज करवा सकें और सरकारी सहायता प्राप्त करने में दिक्कत न हो।
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