चरखी दादरी। जिले की मुख्य सड़कों पर ओवरलोड वाहनों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आरटीए टीम ने पिछले साल 4,792 ओवरलोड वाहनों के चालान कर 15.85 करोड़ रुपये की भारी भरकम जुर्माना भी लगाया गया था लेकिन इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर बेखौफ सड़कों पर भारी वाहन दौड़ रहे हैं। ओवरलोड वाहन सड़कों को भारी नुकसान पहुंचा रहे है वहीं आए दिनों भीषण हादसों का कारण भी बन रहे हैं। अधिकतर भारी वाहन चालक कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए नंबर प्लेटों को धूल या कालिख से सना कर गुजरते है।
जिला आरटीए की टीम लगातार कार्रवाई का दावा करती है लेकिन जमीनी हकीकत देखकर लगता है कि यह कार्रवाई नाकाफी साबित हो रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल आरटीए विभाग ने कार्रवाई करते हुए कुल 4,792 ओवरलोड वाहनों के चालान किए थे। इन चालानों के माध्यम से प्रशासन ने वाहन मालिकों पर 15.85 करोड़ रुपये का भारी-भरकम जुर्माना भी ठोका था। इस भारी जुर्माने के बावजूद ओवरलोडिंग के इस काले कारोबार पर पूरी तरह से लगाम नहीं कसी जा सकी है। जुर्माना भरने के बाद ये वाहन फिर से सड़कों पर उसी रफ्तार और उसी ओवरलोडिंग के साथ लौट आते हैं जिससे विभाग की सख्ती का असर कम होता दिखाई दे रहा है। आरटीए की फ्लाइंग स्क्वॉयड की नजरों से बचने के लिए इन वाहन चालकों ने अब नए और शातिराना तरीके अपना लिए हैं। जिले की सड़कों से गुजरने वाले अधिकांश ओवरलोड डंपरों और ट्रकों की नंबर प्लेटों पर या तो कालिख पोती होती है या फिर उन पर जानबूझकर मिट्टी और कीचड़ लगा दिया जाता है। ताकि प्रशासनिक कार्रवाई से बचा जा सके।
जर्जर हो रही सड़कें
ओवरलोड वाहनों के कारण जिले की करोड़ों रुपये की लागत से बनी मुख्य सड़कें और संपर्क मार्ग समय से पहले ही टूट कर गड्ढों में तब्दील हो जाते हैं। इन गड्ढों के कारण आए दिन दोपहिया और छोटे वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ओवरलोड वाहनों से गिरने वाली निर्माण सामग्री (क्रशर और डस्ट) के कारण पीछे चल रहे वाहन चालकों की आंखों में धूल जाती है जिससे संतुलन बिगड़ जाता है।
सख्त कार्रवाई करे प्रशासन
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को वाहनों पर केवल जुर्माना लगाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि ऐसे वाहनों के परमिट रद्द करने और नंबर प्लेट छिपाने वालों के खिलाफ सीधे आपराधिक मुकदमे दर्ज करने जैसी सख्त कार्रवाई करनी होगी, तभी की सड़कों पर लोग सुरक्षित सफर कर पाएंगे।
क्षमता से दोगुना अधिक होता है भार
शहर के रावलधी चौक से गुजरने वाले अधिकतर भारी वाहन भवन निर्माण सामग्री से भरे होते हैं। हालात ऐसे बने है कि हर दो अंडरलोड वाहन के बाद दो ओवरलोड वाहन गुजरते है। ओवरलोड वाहनों में भवन निर्माण सामग्री की क्षमता से लगभग तीन गुणा तक अतिरिक्त पाई जाती है। जिसके कारण ये हादसों को कारण बनते हैं।
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हमारी टीम ने पिछले 10 दिनों में 60 लाख रुपये के चालान किए है, वहीं वाहनों की नंबर प्लेटों के साथ छेड़छाड़ करने वाले वाहनों के भी चालान किए जा रहे है। इसके अलावा नंबर प्लेटों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।- विरेंद्र सिंह, एसडीएम, दादरी।