ओवरफ्लो होकर माइनर से निकलता पानी।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। शहर से गुजरने वाली लोहारू कैनाल से चंपापुरी जलघर के टैंकों में नहरी पानी भरने के लिए बनाई गई माइनर रावलधी बाईपास के समीप ओवरफ्लो होने से रोजाना लाखों लीटर पेयजल की बर्बादी हो रही है वहीं माइनर का पानी खेतों में जाने से फसलों को भी नुकसान हो रहा है। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से समय रहते टूटने की कगार पर चल रही माइनर की मरम्मत करवाने की गुहार लगाई है। साथ ही जलभराव से खराब हो रही फसलों का उचित मुआवजा दिलवाने की मांग की है।
बता दें कि चंपापुरी स्थित मुख्य जलघर के रिजर्व टैंकों को नहरी पानी से भरने के लिए बनाई गई रावलधी माइनर पिछले लंबे समय से ओवरफ्लो चल रही हैं। माइनर के साथ लगी मिट्टी बहने के कारण यह टूटने की कगार पर पहुंची हुई है। माइनर का पानी साथ लगते खेतों में पहुंच रहा हैं जिससे किसानों की फसल को भारी नुकसान हो रहा है। पीड़ित किसानों का कहना है कि माइनर ठीक करवाने के लिए संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों को कई बार लिखित व मौखिक रूप से अवगत करवाया गया है। लेकिन अधिकारी शिकायत की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिससे समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं।
क्या बोले किसान
पिछले तीन साल से रावलधी माइनर का पानी ओवरफ्लो चल रहा है। ओवरफ्लो माइनर से निकला पानी खेतों में भर जाता है। इसके कारण खेतों में लगाई फसल हर साल खराब हो जाती है। माइनर की मरम्मत करवाने के लिए भिवानी स्थित संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों को भी कई बार लिखित में शिकायत दर्ज करवाई है लेकिन अभी तक आश्वासन के अलावा कोई समाधान नहीं हो पाया है।- कपूर सिंह, पीड़ित किसान
लगभग दो साल से माइनर की सफाई न होने से इसमें काफी मिट्टी जमी हुई है। इसके कारण माइनर की क्षमता काफी कम हो गई है। हर बार माइनर ओवरफ्लो होने से साथ लगते किसानों की पांच एकड़ में लगाई फसल बर्बाद हो जाती है। खेतों में लगातार जलभराव होने के कारण प्रभावित किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारी भी इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।- धर्मबीर सिंह, स्थानीय किसान।
वर्सन :
विभाग की ओर से चंपापुरी जलघर के टैंक भरने के लिए माइनर में लगभग 10 क्यूसेक पानी छोड़ा जाता था, लेकिन फिलहाल माइनर में केवल पांच क्यूसेक पानी ही चल रहा है। फिर भी माइनर ओवरफ्लो चल रही है तो हम लोहारू कैनाल से पानी बंद करवाकर इसकी मरम्मत करवाएंगे। -विकास कुमार, जेई, सिंचाई विभाग, दादरी।