चरखी दादरी। शहर की सीवर पेयजल समस्याओं पर आखिरकार जिला प्रशासन ने संज्ञान ले लिया है। रविवार को मटका फोड़ प्रदर्शन और सीएम का पुतला फूंकने के बाद सोमवार को डीसी के आदेशों पर एसडीएम डॉ. विरेंद्र सिंह वार्डों में समस्याओं का जायजा लेने पहुंचे। उन्हें निवर्तमान पार्षदों ने समस्याओं से अवगत करवाया और जनस्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली की पोल उनके सामने खोली। वहीं, डीसी ने जनस्वास्थ्य विभाग को पूरे शहर की कंडम लाइनों को बदलने के आदेश भी दिए हैं, जिन पर विभाग को तत्काल प्रभाव से काम शुरू करना होगा।
शहर में सीवर और पेयजल समस्याओं का दंश शहरवासी झेल रहे हैं। करीब 40 साल पहले डाली गई सीमेंटिड सीवर और पेयजल लाइन जर्जर हो चुकी हैं, जिनके चलते वार्डों में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। यह समस्या लगभग हर वार्ड में है और लंबे समय से लोग इसका दंश झेल रहे हैं। समस्या के समाधान की आस धरे बैठे शहरवासियों में जनस्वास्थ्य विभाग से विश्वास उठ चुका है। लोगों का आरोप है शिकायतों के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है और इससे खफा होकर ही 27 जून को उन्हें हर रविवार शहर में मटका फोड़ प्रदर्शन करने और मुख्यमंत्री एवं जनस्वास्थ्य मंत्री मनोहर लाल का पुतला दहन करने का निर्णय लेना पड़ा।
शहरवासियों के इस तरह का कड़ा फैसला लेने के बाद डीसी अमरजीत सिंह मान के आदेशों पर सोमवार सुबह ही एसडीएम विरेंद्र सिंह गांधी नगर समेत अन्य जगहों पर लंबे समय से बनी सीवर पेयजल की समस्याओं का जायजा लेने पहुंचे। इस दौरान एसडीएम ने समस्याओं को लेकर लोगों से भी बातचीत की। एसडीएम ने उन्हें जल्द समस्या का समाधान करवाने का आश्वासन दिया है। एसडीएम अपनी रिपोर्ट डीसी अमरजीत सिंह मान को सौंपेंगे।
एनएचएआई ने की टैंक निर्माण के लिए जगह देने की पेशकश
गौरतलब है कि एनएच-152 डी में समसपुर एसटीपी का कुछ हिस्सा आ गया था और इसके चलते यहां स्टोरेज टैंक की क्षमता 40 फीसदी तक घट गई है। इसका सीधे तौर पर असर सीवर लाइन से पानी के उठान पर पड़ रहा है। एसटीपी से कम उठान होने पर सीवर लाइनें बैक मार रही हैं। समस्या को देखते हुए एनएचएआई ने जनस्वास्थ्य विभाग को अस्थायी तौर पर टैंक बनाने के लिए जगह देने का प्रस्ताव प्रशासन को दिया है, ताकि बारिश के दौरान सीवर लाइनों से उठान के बाद पानी यहां डाला जा सके।
ड्रेन नंबर आठ पाइल लाइन प्रोजेक्ट सीवर समस्या का स्थायी समाधान
इस समय रामनगर एसटीपी ठप है, जबकि समसपुर एसटीपी से आगे पानी भेजने की व्यवस्था नहीं है। यह भी शहर में सीवर समस्या गहराने का प्रमुख कारण है। इसके स्थायी समाधान के लिए जनस्वास्थ्य विभाग छुछकवास ड्रेन नंबर आठ तक 35 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछा रहा है और इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है। इसी के मद्देनजर समसपुर और रामनगर एसटीपी को जुड़ा गया है।
जनस्वास्थ्य विभाग तैयार करेगा लाइनों को बदलने के एस्टिमेट
डीसी अमरजीत सिंह मान ने कहा कि जिला प्रशासन का किसी एक या दो वार्डों की सीवर व पेयजल समस्याओं पर नहीं, बल्कि पूरे शहर पर फोकस है। सीवर समस्या से शहर को स्थायी निजात दिलाई जाएगी और इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग को तुरंत प्रभाव से सर्वे करने और जर्जर लाइन को बदलने का एस्टीमेट तैयार करने के आदेश दे दिए हैं।
सीवर और पेयजल शहर की बड़ी समस्या है और इनका स्थायी समाधान करने के लिए हम प्रयासरत हैं। ड्रेन नंबर आठ तक पाइप लाइन डालने के प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है और यह सीवर समस्या का स्थायी समाधान है। एनएचएआई ने भी टैंक निर्माण के लिए जगह देने की पेशकश की है। एसडीएम को मैंने मौका देखने भेजा था और जनस्वास्थ्य विभाग को समाधान के आदेश दे दिए हैं।
अमरजीत सिंह मान, डीसी