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ये हैं राजकीय स्कूल...एक शिक्षक एक समय में पढ़ा रहा दो से तीन कक्षाएं

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चरखी दादरी/बाढड़ा। सरकार की युक्तिकरण नीति के चलते शिक्षकों के तबादले होने से राजकीय स्कूलों में व्यवस्थाएं डगमगा गई हैं। जिले के बाढड़ा ब्लॉक की अगर बात करें तो दो स्कूल ऐसे हैं जिनमें अब एक-एक शिक्षक ही बचा है। संवाददाता ने बाढड़ा राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल और हंसावास कलां राजकीय मिडिल स्कूल में पहुंचकर जायजा लिया तो यहां एक शिक्षक ही एक साथ दो से तीन कक्षाएं पढ़ाते मिले। ऐसे में यहां पढ़ाई प्रभावित होना स्वभाविक है। वहीं, इन स्कूलों की एसएमसी कमेटी पदाधिकारियों ने शिक्षा विभाग व सरकार से शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग की है।
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हंसावास कलां राजकीय मिडिल स्कूल की अगर बात करें तो यहां छठीं से आठवीं तक विद्यार्थी संख्या 36 है। यहां अब केवल एक ही शिक्षक बचा है जबकि पांच का तबादला कर दूसरी जगह तैनात किया गया है। इस समय जो शिक्षक यहां तैनात है वो भी गेस्ट टीचर है। यहां तैनात शिक्षक विज्ञान विषय का है। संवाददाता जब यहां पहुंचा तो शिक्षक एक ही समय तीनों कक्षाओं को पढ़ाता मिला। सातवीं कक्षा के बच्चे शिक्षक के दाई तरफ, आठवीं कक्षा के बच्चे बाई तरफ और छठीं कक्षा के बच्चे शिक्षक के सामने बैठे मिले। ऐसे में स्पष्ट है कि शिक्षकों की कमी के चलते वैकल्पिक प्रबंधों के बाद भी व्यवस्थाएं प्रभावित हैं।
दूसरी ओर संवाददाता ने बाढड़ा राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में पहुंचकर भी छात्र संख्या और शिक्षकों की तैनाती की स्थिति देखी तो यहां भी 12 शिक्षकों के पद अब खाली मिले। यहां छठीं से आठवीं तक छात्र संख्या 86 और नौंवी से बारहवीं तक छात्र संख्या 355 है। यहां फिलहाल 446 विद्यार्थियों के लिए 12 शिक्षक तैनात हैं। छठीं से आठवीं तक एक शिक्षक जबकि नौंवी से बारहवीं कक्षा के लिए 11 शिक्षक हैं। इस राजकीय स्कूल से दस पीजीटी, चार टीजीटी और एक लैब असिस्टेंट का पद कैप्ट किया गया है और सीनियर सेकेंडरी कक्षाओं को पढ़ाने के लिए शिक्षकों की कमी है। मॉडल संस्कृति स्कूल में छठीं से आठवीं तक छात्रों से 300 रुपये मासिक और एक हजार रुपये दाखिला फीस ली जाती है। वहीं, संवाददाता ने जब दोनों स्कूलों के एसएमसी कमेटी सदस्यों से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि वो शिक्षा विभाग व सरकार से शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग कर चुके हैं। उनका कहना है कि इन स्कूलों में पहले ही शिक्षकों के पद खाली थे जबकि अब पद कैप्ट करने से शिक्षकों की कमी और बढ़ गई है।
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मॉडल संस्कृति स्कूल से 12 तो हंसावास कलां से 5 शिक्षकों का हुआ तबादला
बाढड़ा राजकीय संस्कृति स्कूल की बात करें तो छठीं से आठवीं कक्षा तक यहां दो शिक्षक थे। उनमें से एक का तबादला हो गया जबकि एक शिक्षक अब बचा है। इसी प्रकार यहां नौंवी से बारहवीं तक यहां पहले 18 शिक्षक थे। इनमें से सात पद कैप्ट किए गए हैं और अब यहां 11 ही शिक्षक बचे हैं।
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जानिये....कक्षा वाइज ये है दोनों स्कूलों में छात्र संख्या
1- हंसावास कलां मिडिल स्कूल
कक्षा - छात्र संख्या
छठीं- 8
सातवीं-16
आठवीं-12
(नोट: इन विद्यार्थियों के लिए एक शिक्षक है)
2- बाढड़ा मॉडल संस्कृति स्कूल (मिडिल कक्षा)
कक्षा- छात्र संख्या
छठीं- 26
सातवीं- 33
आठवीं-27
(नोट: इन कक्षाओं को पढ़ाने के लिए एक ही शिक्षक है)
बाढड़ा मॉडल संस्कृति स्कूल (सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी कक्षा)
कक्षा - छात्र संख्या
नौंवी- 60
दसवीं- 50
ग्यारहवीं- 115
बारहवीं- 130
(नोट: इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए 11 शिक्षक हैं।)
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