श्योराण खाप अध्यक्ष बिजेंद्र बेरला ने कहा कि बाढड़ा की भूमि ने पहले भी किसान व मजदूर के हकों के लिए लड़ाई लड़ी हैं और भविष्य में भी सरकार ने हठधर्मिता नहीं छोड़ी तो सरकार से सीधी टक्कर लेकर किसी भी बड़े आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
सरकार को वर्ष 2023 रबी व खरीफ सीजन की फसलों के बीमा मुआवजे की जांच करवानी चाहिए। यह बात बिजेंद्र बेरला ने मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बाढड़ा बिजली निगम कार्यालय परिसर में चल रहे 111 वें दिन पर धरने पर कही।
किसान नेता रामपाल कारी व रणधीर सिंह उमरवास की अध्यक्षता में धरना दिया गया। श्योराण खाप अध्यक्ष बिजेंद्र बेरला ने कहा कि मौजूदा सरकार किसान व कृषि व्यवस्था को कमजोर कर काॅरपोरेट घरानों को बढ़ावा दे रही है। आज किसान को डीएपी व यूरिया के लिए दर- दर भटकना पड़ रहा है। बकाया मुआवजे के लिए क्षेत्र के किसान धरनारत हैं। दुर्भाग्य है कि सरकार उनकी मांग सुनने की बजाय अनदेखी कर रही है। लगातार प्राकृतिक आपदा के बाद अब किसानों की कमर टूट चुकी है और वह कर्ज के दलदल में फंसता जा रहा है। इसके लिए सरकार को तत्काल प्रभाव से कदम उठाने की जरूरत है।
धरने पर किसान सभा जिलाध्यक्ष रणधीर कुंगड़, राजकुमार हड़ौदी, किसान सभा खंड अध्यक्ष नसीब मोद, प्रताप सिंह हंसावास, प्रताप सिंह, पारस , धर्मपाल और ब्रह्मपाल बाढड़ा आदि मौजूद रहे।