जैन समाज के लोग भिवानी में साध्वियों के साथ।
चरखी दादरी। दादरी जैन समाज के श्रद्धालुओं ने भिवानी में जैन साध्वी ज्योति मुक्ताश्री, मंगलश्री, मणिश्री व मैत्रीश्री से शिष्टाचार भेंट की। एसएस जैन सभा प्रधान इंद्र जैन की मौजूदगी में जैन समाज के लोगों ने इनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
जैन साध्वी मैत्रीश्री ने कहा कि सभी प्राणियों में मानव ही सबसे विवेकशील है। प्राणियों पर दया एवं प्रेम करना ही परमात्मा की सच्ची भक्ति है। यह आत्मा ही शुद्ध होने पर परमात्मा है। इससे अलग खोजना भ्रम है। उन्होंने कहा कि किसी भी संप्रदाय के मानने वाले मानव के जीवन का अंतिम लक्ष्य अंत में मोक्ष पर ही टिक जाता है। मोक्ष कोई ऐसा फल नहीं है जिसे कोई भी सद्गुरु तोड़कर किसी मानव के मुख में डाल दे।
उन्होंने कहा कि वास्तव में हर मानव के मन में विषयों की आसक्ति है। यही राग-द्वेष, काम-क्रोध, लोभ-मोह आदि सारे विकारों का कारण है और यही जीव का बंधन है। विवेक से इसे तोड़ना जीव का ही काम है। इस काम में सहयोगी सद्गुरु और संतजन हैं। उनसे ज्ञान और युक्ति सीखी जाती है। सद्गुरु और संतों के जीवन से ही मानव समाज को प्रेरणा व बल मिलता है। यही गुरु-संतों का सहयोग है। इस दौरान सुरेंद्र मोहन जैन, सुभाष जैन, टीनू जैन, धीरज जैन, सुरेश जैन, शांति जैन, मंजू जैन, विपिन जैन, संदीप जैन, मुकेश जैन, प्रदीप गुप्ता उपस्थित रहे।