संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दादरी-कनीना एमडीआर (मुख्य जिला सड़क) का निर्माण कार्य शुरू होने में अभी और समय लग सकता है। फिलहाल वन विभाग ने 12वीं बार आपत्ति लगाई है। लोक निर्माण विभाग के आपत्ति दूर करने के बाद ही 27 करोड़ की परियोजना पर काम शुरू हो सकेगा। हालांकि, लोक निर्माण विभाग की ओर से निविदा प्रक्रिया सिरे चढ़ाई जा चुकी है। वन विभाग से स्वीकृति मिलने का इंतजार है।
दादरी-कनीना मुख्यमार्ग से महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जाने वाले वाहन चालक गुजरते हैं। प्रतिदिन यहां से आठ हजार से अधिक वाहनों का आवागमन होता है जबकि जिले के 15 गांवों के ग्रामीण इस मार्ग से दादरी शहर भी पहुंचते हैं।
यह जिले की मुख्य सड़क है। इसके चलते करीब सात साल पहले इसका पुनर्निर्माण कराने के साथ चौड़ाई बढ़ाने की योजना तैयार हुई थी, लेकिन, सिरे नहीं चढ़ पाई। इसके बाद सड़क का पुनर्निर्माण नहीं कराया गया।
तीन साल पहले लोक निर्माण विभाग ने इसकी चौड़ाई बढ़ाने की योजना तैयार की थी। यह लगभग परवान चढ़ चुकी है। 27 करोड़ से बनने वाली 18.200 किलोमीटर लंबी सड़क की निविदा प्रक्रिया सिरे चढ़ने के साथ दो माह पहले एजेंसी को काम आवंटित हो चुका है। लेकिन, निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा।
इसका कारण चिह्नित जगह पर खड़े पेड़ों की वन विभाग से अनुमति न मिलना है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की मानें तो दो साल में 12वीं बार वन विभाग ने आपत्ति लगाई है। प्रयास है कि जल्द इसे दूर कर धरातल पर काम शुरू करवा दिया जाए।
रामनगर तक फोरलेन बनेगा मार्ग :लोक निर्माण विभाग के जेई प्रेम सिंह ने बताया कि स्थानीय नई अनाज मंडी से शुरू होकर गांव रामनगर तक मार्ग फोरलेन बनना है। वहीं, सड़क के बीच में डिवाइडर भी बनाया जाएगा। रामनगर में फोरलेन की सीमा समाप्त होने के बाद निर्माणाधीन मार्ग की चौड़ाई 10 मीटर होगी। वहीं, गांव चिड़िया से बाघोत तक इसकी चौड़ाई कम कर 7 मीटर की जाएगी।