261 प्रकार के सरकारी कार्य करवाए जाते हैं मनरेगा मजदूरों से
चार माह से काम बंद होने से मजदूरों के समक्ष आजीविका का बना है संकट
फोटो 5 : नहर की सफाई करते मनरेगा मजदूर। फाइल फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। मनरेगा मजदूराें की हाजिरी अब चेहरे से लगेगी। अब तक मोबाइल एप से हाजिरी लगती थी। इतना ही नहीं, मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों के स्वरूप में भी संशोधन किया जा रहा है। जुलाई से अब तक मनरेगा के काम बंद हैं। मनरेगा के तहत 261 प्रकार के कार्य करवाए जाते हैं।
मनरेगा का काम बंद होने से इस समय मजदूरों को खाली बैठना पड़ रहा है। आमतौर पर सरपंच गांवों में मनरेगा के तहत कार्य करवाते हैं। जो सरपंच कार्य करवाना चाहता है वह पंचायत का प्रस्ताव तैयार कर पंचायत विभाग में मनरेगा शाखा में जमा करवाता है। मनरेगा के तहत 261 प्रकार के कार्य करवाए जाते हैं।
जिस भी गांव में स्कूल व गली में मिट्टी डलवानी हो, स्टेडियम को समतल करवाना हो या अन्य श्रमिक स्तर का कार्य करवाना हो तो मनरेगा के तहत ही पूरा करवाया जाता है। मनरेगा के तहत श्रमिक को 400 रुपये दिहाड़ी मिलती है। श्रमिक के बैंक खातों में मजदूरी राशि भेजी जाती है।
जिस गांव में छोटे स्तर के कार्यों को करवाने की जरूरत है, वहां सरपंच प्रस्ताव तैयार करते हैं। सरकार ने मनरेगा योजना पर ज्यादा फोकस कर रखा है ताकि श्रमिकों को मजदूरी मिले सके और वे अपनी आजीविका कमा सकें।
मनरेगा के तहत सरकार के रूरल डेवलपमेंट, वन विभाग, रेलवे, शिक्षा विभाग, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य आदि विभागों में कार्य करवाए जा सकते हैं।
जुलाई से अब तक मानसून सीजन की वजह से मनरेगा के सभी काम बंद हैं। ऐसे में मजदूर खाली बैठे हैं। उनके समक्ष आजीविका का संकट भी बन गया है। पिछले चार माह से मजदूरों को काम नहीं मिल पा रहा है। बारिश की वजह से सार्वजनिक कार्य जैसे भवन निर्माण व अन्य कार्य भी बंद थे।
अब नवंबर के प्रथम सप्ताह से मनरेगा योजना के तहत काम शुरू होने की उम्मीद है। मनरेगा अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही चेहरे से हाजिरी लगने का प्रारूप तैयार हो जाएगा, इस पर काम शुरू हो जाएंगे। मनरेगा के तहत 261 प्रकार के कार्यों की सूची में भी कुछ बदलाव किया जा रहा है।
वर्सन :
नवंबर के प्रथम सप्ताह में मनरेगा के तहत काम शुरू होने की पूरी संभावना है। बारिश की वजह से काम बंद थे। जल्द ही मजदूरों को काम दिए जाएंगे।
- पीओ हेमंत कुमार, मनरेगा शाखा।